फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Afghan YOUTH deported from Nagpur has joined Taliban, say cops as his gun-wielding snap surfaces

तालिबान: नागपुर में 10 साल अवैध रूप से रहा युवक बना लड़ाका, जून में वापस अफगानिस्तान भेजा था

Fri, 20 Aug 2021 07:52 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नागपुर
पीटीआई, नागपुर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 20 Aug 2021 07:52 PM IST
सार

अफगान मूल का नूर मोहम्मद भारत में अवैध रूप से रह रहा था। वापस भेजे जाने के बाद अब वह तालिबान के लड़ाके के रूप में नजर आया है। शुक्रवार को उसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हुई। 
 

विज्ञापन
Afghan YOUTH deported from Nagpur has joined Taliban, say cops as his gun-wielding snap surfaces
अफगानिस्तान में तालिबानी लड़ाके - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारत में 10 साल तक अवैध रूप से रहा एक अफगानी नागरिक तालिबान के लड़ाके के रूप में नजर आया है। शुक्रवार को हाथ में हथियार उठाए उसकी तस्वीर सोशल मीडिया में आई। जून में उसे वापस अफगानिस्तान भेजा गया था। 

विज्ञापन

नागपुर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नूर मोहम्मद अजीज मोहम्मद (30) अवैध रूप से नागपुर में पिछले कई सालों से रह रहा था। वह शहर के दिघोरी इलाके में किराए के घर में रहता था। खुफिया जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की थी। 23 जून को उसे हिरासत में लेकर अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि वतन वापसी के बाद वह संभवत: तालिबान में शामिल हो गया है। बंदूक पकड़े उसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई है। 
विज्ञापन

2010 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था
उस समय जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि वह 2010 में छह महीने के टूरिस्ट वीजा पर नागपुर आया था। इसके बाद उसने शरणार्थी का दर्जा पाने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की थी। वह नामंजूर कर दी गई थी, इसके बाद भी वह नागपुर में ही रह रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाएं कंधे पर गोली का निशान था
एक अन्य पुलिसकर्मी ने बताया कि नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक था। पिछले साल नूर का हथियार के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर आया था। बाद में जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसे बाएं कंधे पर गोली का भी निशान था। जब उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की गई तो पता चला कि वह कुछ आतंकवादियों को भी फॉलो करता था। पुलिस ने यह भी बताया कि वह अविवाहित था और यहां कंबल बेचने का काम कर रहा था। उसका भाई तालिबान के लिए काम करता है।
बता दें, अफगानिस्तान पर तालिबान ने 15 अगस्त को कब्जा कर लिया है और उसने वहां इस्लामिक अमीरात की स्थापना कर दी है। यानी वह इस्लामिक देश बन गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed