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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वकील प्रशांत भूषण फिर नाखुश, कहा- फैसला दुखद
Wed, 19 Aug 2020 03:22 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 19 Aug 2020 03:22 AM IST
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प्रशांत भूषण
- फोटो : फाइल
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वकील प्रशांत भूषण एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश हुए हैं। प्रशांत ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पीएम केयर्स फंड को एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने की इजाजत न दिए जाने का फैसला दुखद है। भूषण ने ट्वीट कर कहा है कि पीएम केयर्स फंड एक गुप्त फंड है और यह कोविड-19 की आड़ में पैसा जुटाने का जरिया है।
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भूषण ने कहा है कि पीएम केयर्स फंड अपारदर्शी है और इसे लेकर सरकार की कोई जवाबदेही नहीं है। बता दें कि भूषण भी संगठन सीपीआईएल का हिस्सा हैं जिसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पीएम केयर्स फंड को एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने की मांग की थी।
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प्रशांत भूषण को हाल ही में ट्वीट के जरिए मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में अवमानना का दोषी ठहराया गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 20 अगस्त को प्रशांत भूषण को सजा का एलान कर सकता है। वहीं भूषण पर 11 साल पूर्व का भी एक अवमानना का मामला लंबित है। इस मामले में भूषण ने एक मैगजीन को दिए साक्षात्कार में सुप्रीम कोर्ट के कई पूर्व जस्टिस के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
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ट्वीट से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा कम नहीं हो सकती: बीएआई
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 14 अगस्त को वकील प्रशांत भूषण को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराए जाने के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत की प्रतिष्ठा को दो ट्वीट द्वारा खारिज नहीं किया जा सकता है।
बीएआई के अध्यक्ष ललित भसीन द्वारा अपनी कार्यकारी समिति की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कटु आलोचना, टिप्पणी, व्यंग्य और हास्य ने एक मुक्त समाज में संस्थानों का निर्माण करने में मदद की है । ऐसे समय में जब नागरिक भारी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट का कद इस तरह की आलोचना से छोटा नहीं हो सकता। बता दें कि अदालत ने 14 अगस्त को भूषण को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था। 20 अगस्त को सजा को लेकर बहस होनी है।