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वीपी सिंह को सशक्त बनाने के लिए मंडल रिपोर्ट लागू करने की सलाह दी : लालू
Mon, 08 Apr 2019 01:58 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:58 AM IST
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गोपालगंज टू रायसीना : माई पॉलिटिकल जर्नी (कवर)
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लालू यादव ने कहा है कि 1989 में राष्ट्रीय मोर्चा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री वीपी सिंह और उपप्रधानमंत्री देवी लाल के बीच कड़वाहट दूर करने के लिए उन्होंने वीपी को मंडल रिपोर्ट लागू करने की सलाह दी थी। राजद प्रमुख ने अपनी पुस्तक में इसका जिक्र किया है।
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अपनी पुस्तक ‘गोपालगंज टू रायसीना : माई पॉलिटिकल जर्नी’ में लालू ने लिखा है कि वीपी और देवी लाल नियमित रूप से विरोधाभासी बयान जारी करते थे, जिससे सरकार की स्थिरता को खतरा पैदा हो गया था। लालू ने लिखा है कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ती असहजता के कारण मेरी चिंता बढ़ने लगी थी कि नेशनल फ्रंट की सरकार गिरने से उनकी बिहार सरकार को खतरा हो गया था। तब उन्होंने 1990 में वीपी सिंह की सरकार बचाने के लिए एक फॉर्मूला तैयार किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर कहा कि वह देवी लाल के खिलाफ कार्रवाई करें अन्यथा उनकी सरकार गिर जाएगी।
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लालू ने कहा कि वीपी विलक्षण बुद्धि और अच्छी राजनीतिक समझ वाले व्यक्ति थे। वीपी ने कहा, ‘देवी लाल जाट और पिछड़ों के नेता हैं और यदि मैंने उनके खिलाफ कार्रवाई की, तो वह देश भर में ऐसा प्रचार करेंगे कि मैं गरीब और पिछड़ा विरोधी हूं।’ इस पर लालू ने वीपी से कहा कि मंडल आयोग ने पिछड़े वर्गों के लिए 27 फीसदी आरक्षण की सिफारिश वाली रिपोर्ट 1983 में सौंप दी थी। वह रिपोर्ट आपके दफ्तर में धूल फांक रही है, इसे तुरंत लागू कर दें।
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लालू को पक्का भरोसा था कि यदि ऐसा हो गया तो देवी लाल वीपी के खिलाफ पिछड़ा विरोधी होने का दुष्प्रचार नहीं कर पाएंगे। लालू ने कहा कि वीपी इच्छुक नहीं थे, लेकिन उन्होंने उन्हें मना लिया और अंतत: मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू हो पाई।