फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Adjutant General Ashwani Kumar says army wants Adultery, homosexuality to remain punishable offence

अनुशासन के लिए सेना में समलैंगिकता और व्याभिचार को अपराध बनाए रखने की मांग

Fri, 01 Nov 2019 02:47 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 01 Nov 2019 02:47 PM IST
विज्ञापन
Adjutant General Ashwani Kumar says army wants Adultery, homosexuality to remain punishable offence
एडुजेंट लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

सेना में अनुशासन को बनाए रखने के लिए मांग हो रही है कि समलैंगिकता और व्याभिचार को दंडनीय अपराध बनाए रखा जाए। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल इन दोनों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था। हालांकि सेना के कानून के अतंर्गत यह अपराध की श्रेणी में बना रहे इसके लिए विकल्प तलाश किए जा रहे हैं।

विज्ञापन


एडुजेंट लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार ने अपनी सेनानिवृत्ति से एक दिन पहले बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात की। उन्होंने कहा कि यदि सेना में इन संबंधों को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जाता है तो अनुशासन की गंभीर समस्या हो जाएगी। इससे जवानों को नियंत्रित करने में दिक्कत होगी।
विज्ञापन


उन्होंने कहा भले ही कुछ फैसले कानूनी रूप से सही होते हों लेकिन वे नैतिक रूप से गलत हो सकते हैं। भारतीय सेना में एडुजेंट जनरल की शाखा जवानों के कल्याण का कामकाज देखती है। यह हर स्तर पर जवानों की शिकायतों को निपटाती है। लेफ्टिनेंट कुमार लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी हैं लेकिन उसके अधीन पांच लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी काम करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेना में अपने साथी के पति का ध्यान या अपनी पत्नी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की जाती है तो इसे व्यभिचार माना जाता है जोकि एक गंभीर अपराध है। यह किसी भी जवान के लिए अशोभनीय है। इस अपराध को विश्वासघात माना जाता है जिसमें मौत तक की सजा दी जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानने को बाध्य नहीं

लेफ्टिनेंट अश्विनी कुमार का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के हर फैसले को माना जाएगा। वर्तमान तक सेना समलैंगिकता और व्याभिचार के मामलों का निपटारा अपने कानून के तहत करती रही है। इस साल की शुरुआत में सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि समलैंगिकता और व्याभिचार को सेना में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रुढ़िवादी है सेना

शीर्ष अदालत की तरफ से व्याभिचार पर दिए गए फैसले को लेकर रावत ने कहा था कि इस मामले में सेना रुढ़िवादी है। उन्होंने कहा था कि हम ऐसे पाप की इजाजत सेना में नहीं देंगे। जनरल रावत ने कहा कि सेना में ऐसी चीजों पर रोक है और सेना कानून के ऊपर नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed