महाराष्ट्र में गहराया जल संकट, पीने के पानी को लेकर छलका लोगों का दर्द
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महाराष्ट्र में पानी की समस्या गहराती जा रही है। लातूर जिले के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। लातूर निवासी ने कहा कि सरकारी पानी के टैंक पंद्रह दिन में एक बार आते हैं। हमें सिर्फ 250 लीटर पानी ही मिल पाता है।
लोगों ने आगे बताया कि हमें पीने के लिए अलग से पानी खरीदना पड़ता है। यहां पर बरसात भी कम हुई है। पानी की समस्या के चलते हम फसलें भी नहीं उगा सकते। खेती करने के अलावा हमारा कोई और काम भी नहीं है।
Maharashtra: Acute water shortage hits Latur district, locals say, "Government water tankers come only once in 15 days, we get only 250 litres of water.We've to buy drinking water separately. There has been very less rain, can't grow crops, there is no other means of employment." pic.twitter.com/px0ht6BjZG
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 18, 2019
बता दें कि बांधों के गिरते जलस्तर को देखते हुए केंद्र ने महाराष्ट्र-गुजरात समेत 6 राज्यों में सूखे की एडवाइजरी जारी की। सरकार ने महाराष्ट्र-गुजरात के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु को पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करने की सलाह दी।
केंद्रीय जल आयोग के सदस्य एसके हल्दर ने बताया कि तमिलनाडु को इस बारे में शुक्रवार को एडवाइजरी जारी की गई। इसी तरह के पत्र पिछले हफ्ते गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र और तेलंगाना को जारी किए गए थे।
उन्होंने बताया कि बांधों का स्तर 10 साल के औसत स्तर से 20 फीसदी नीचे आने पर राज्यों को सूखे की एडवाइजरी जारी की गई। बांध राज्यों के अंतर्गत आते हैं। बांधों में जब तक पर्याप्त पानी नहीं आ जाता तब तक राज्यों से इनका इस्तेमाल केवल पीने के पानी के लिए करने को कहा गया है।