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NCRB: भारत में हत्या के सबसे ज्यादा मामलों का एक ये कारण, इसकी वजह से हर घंटे हो रहे तीन से ज्यादा मर्डर
Wed, 06 Dec 2023 12:01 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:01 PM IST
सार
पिछले साल उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 3,491 एफआईआर की गईं। उसके बाद बिहार में 2,930, महाराष्ट्र में 2,295, मध्य प्रदेश में 1,978 और राजस्थान में 1,834 मामले दर्ज हुए। इन शीर्ष पांच राज्यों में हत्या के 43.92 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए।
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NCRB report 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत में हर घंटे तीन से अधिक लोगों की हत्या हो रही है। यह खुलासा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट में किया गया है। 'क्राइम इन इंडिया-2022' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत में 2022 में कुल 28,522 हत्या के मामले दर्ज किए गए, जिससे साफ है कि हर दिन करीब 78 लोगों की हत्या हुई है। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले दो सालों से थोड़ा कम है।
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हत्या के 43.92 प्रतिशत मामले दर्ज
रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में 29,272 और 2020 में 29,193 लोगों को मौत के घाट उतारा गया था। पिछले साल उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 3,491 एफआईआर की गईं। उसके बाद बिहार में 2,930, महाराष्ट्र में 2,295, मध्य प्रदेश में 1,978 और राजस्थान में 1,834 मामले दर्ज हुए। इन शीर्ष पांच राज्यों में हत्या के 43.92 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए।
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एनसीआरबी के अनुसार, 2022 में सबसे कम हत्या के मामले वाले शीर्ष पांच राज्य
राज्य केस
सिक्किम 9
नागालैंड 21
मिजोरम 31
गोवा 44
मणिपुर 47
केंद्र शासित प्रदेशों में इतने मामले आए
केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2022 में हत्या के 509 मामले दर्ज किए गए। जम्मू कश्मीर में 99, पुडुचेरी में 30, चंडीगढ़ में 18, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव में 16, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सात, लद्दाख में पांच और लक्षद्वीप में शून्य मामले दर्ज किए गए।
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उम्र के संदर्भ में हत्या के 95.4 प्रतिशत पीड़ित वयस्क थे। एनसीआरबी के अनुसार, कुल हत्या पीड़ितों में से 8,125 महिलाएं और नौ तीसरे जेंडर के व्यक्ति थे। लगभग 70 प्रतिशत पीड़ित पुरुष थे।
हत्याओं के पीछे का कारण क्या?
अब सवाल उठता है कि आखिर भारत में हो रही हत्याओं के पीछे का कारण क्या है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 9,962 से अधिक आए हत्याओं के मामले से साफ था कि लोग विवाद के चलते सबसे ज्यादा जान ले रहे हैं। महाराष्ट्र में विवादों के सबसे अधिक 1,130 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद तमिलनाडु में 1,045, बिहार में 980, मध्य प्रदेश में 726 और उत्तर प्रदेश में 710 मामले सामने आए हैं।
हत्या के मामले में दूसरा सबसे बड़ा कारण निजी रंजिश या दुश्मनी पाई गई। पिछले साल ऐसे 3,761 मामले दर्ज किए गए थे। बिहार (804), मध्य प्रदेश (364) और कर्नाटक (353) उस सूची में सबसे ऊपर हैं।एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, दहेज, जादू-टोना, बच्चे/मानव बलि, सांप्रदायिक/धार्मिक, जातिवाद, राजनीतिक कारण, ऑनर किलिंग और प्रेम संबंध अन्य मकसद थे।