फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   According to central official sources States are not entitled to refuse To implement citizenship act

राज्यों को नागरिकता कानून लागू करने से इनकार करने का हक नहीं है: केंद्र

Fri, 13 Dec 2019 07:39 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 13 Dec 2019 07:39 PM IST
विज्ञापन
According to central official sources States are not entitled to refuse To implement citizenship act
नागरिकता कानून पर असम में बवाल - फोटो : PTI

नागरिकता कानून पर मचे संग्राम के बीच केंद्र के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारें इसे लागू कराने से इनकार नहीं कर सकती। अधिकारी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 को लागू करने से इनकार करने का अधिकार राज्यों को नहीं है क्योंकि यह कानून संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची के तहत बनाया गया है।

विज्ञापन


यह बयान तब आया है जब पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने घोषणा की कि यह कानून असंवैधानिक है और उनके संबंधित राज्यों में इसके लिए कोई जगह नहीं है। महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के मंत्रियों की तरफ से भी इसके विरोध की आवाजें आ रही हैं।
विज्ञापन


गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि राज्यों को ऐसे किसी भी केंद्रीय कानून को लागू करने से इनकार करने का अधिकार नहीं है जो संघ सूची में है। कुल 97 ऐसे विषय हैं जो सातवीं अनुसूची की संघ सूची में है और उनके तहत रक्षा, विदेश, रेलवे, नागरिकता, जन्म से संबंधित अधिकार आदि आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा था कि किसी असंवैधानिक कानून का उनके राज्य में कोई स्थान नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले से ही इसका विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा था, अपने घोषणापत्र में आपने (भाजपा ने) विकास के बजाय, देश को बांटने का वादा किया है। नागरिकता धर्म के आधार पर क्यों होगी। मैं इसे नहीं स्वीकार करूंगी, आपको चुनौती देती हूं। ये कभी बंगाल में लागू नहीं होगा।


उन्होंने कहा कि आपने लोकसभा और राज्यसभा से जबरन कानून पारित करवाये क्योंकि आपके पास संख्या बल है। लेकिन हम आपको देश को नहीं बांटने देंगे।

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार इस कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देगी। वहीं, कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों भूपेश बघेल और कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पर जो भी रूख अपनाएगी, उनके राज्य उसे मानेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed