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भारतीय पसंद करते हैं लड़कियों को गोद लेना, महाराष्ट्र सबसे आगे

Mon, 07 May 2018 02:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 07 May 2018 02:57 PM IST
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according to cara, indians prefer to adopt girls in which maharashtra is on top position

भारत में पिछले 6 वर्षों में गोद लिए गए बच्चों में 60 फीसदी लड़कियां हैं। इसमें महाराष्ट्र प्रथम स्थान पर रहा। यह आंकड़े सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) ने एक आरटीआई याचिका के जवाब में जारी किए हैं। साल 2017-18 के आंकड़ों के मुताबिक 3,276 बच्चों को गोद लिया गया था। इसमें 1,858 लड़कियां थीं। जबकि लड़कों की संख्या 1,418 रही। साल 2012 के बाद से राज्यों द्वारा गोद लिए बच्चों में महाराष्ट्र सबसे आगे है। 

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महाराष्ट्र में साल 2017 में कुल 642 बच्चों को गोद लिया गया जिसमें लड़कियों की संख्या 353 थी। इसके बाद कर्नाटक दूसरे स्थान पर रहा जहां कुल 286 बच्चों को गोद लिया गया। जिसमें से 167 लड़कियां थीं। कारा के सीईओ लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार के मुताबिक महाराष्ट्र प्रथम स्थान पर केवल इसलिए नहीं है कि वह एक बड़ा राज्य है बल्कि इसकी वजह यह है कि यहां एडॉप्शन एजेंसियों की संख्या अधिक है। 
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उन्होंने कहा कि देश में महाराष्ट्र ही ऐसा राज्य है जहां 60 एडॉप्शन एजेंसियां हैं जबकि अन्य राज्यों में औसतन 20 हैं। उन्होंने कहा कि भारत में साल 2017-18 में एडॉप्शन की संख्या बढ़ी है। आरटीआई के अनुसार देश में कुल 3,276 बच्चों को गोद लिया गया जिसमें से 1,858 लड़कियां थीं और 1418 लड़के। वहीं 2016-17 के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कुल 3,210 बच्चों को गोद लिया गया, जिसमें 1,915 लड़कियां थीं जो कि कुल गोद लिए बच्चों का 60 फीसदी है। महाराष्ट्र में यह संख्या 711, कर्नाटक में 252 और पश्चिम बंगाल में 203 रही। 
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बीते पांच साल के आंकड़े बताते हैं कि 59.77% दंपत्तियों ने लड़कियों को गोद लिया जबकि 40.23% दंपत्तियों ने लड़कों को गोद लिया। कुमार के मुताबिक इससे पता चलता है कि लड़कों के मुकाबले लड़कियों की देखरेख करना ज्यादा आसान है। यह आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब नीति आयोग द्वारा जारी कि गई रिपोर्ट के मुताबिक 21 में से 17 राज्य ऐसे हैं जहां लिंग अनुपात में गिरावट आई है। 

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