{"_id":"5c722a2abdec224bc54ab0e1","slug":"absolutely-indian-by-heart-said-karachi-bakery","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगलूरू: विरोध प्रदर्शन के बाद कराची बेकरी ने कहा, \"दिल से बिलकुल भारतीय\" ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगलूरू: विरोध प्रदर्शन के बाद कराची बेकरी ने कहा, "दिल से बिलकुल भारतीय"
Sun, 24 Feb 2019 10:52 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Sun, 24 Feb 2019 10:52 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
विज्ञापन
karachi bakery
- फोटो : social media
बंगलूरू की करीब छह दशक पुरानी कराची बेकरी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर कहा है, "दिल से बिलकुल भारतीय"। इसके बाद बेकरी ने कहा है कि बेकरी चेन के संस्थापक बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आकर बस गए थे।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
बता दें जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर बंगलूरू की कराची बेकरी में शुक्रवार को शरारती तत्वों ने तोड़फोड़ की थी। इन लोगों ने स्टोर के नाम में पाकिस्तानी शहर (कराची) का नाम होने को लेकर आपत्ति जताई। शुक्रवार को करीब 8 बजे शरारती तत्व इंदिरानगर में 100 फीट की रोड लेकर बेकरी पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दुकान के नाम से कराची शब्द हटाया जाए। इन लोगों ने दुकान के नाम से कराची शब्द ढकने को मजबूर कर दिया।
कराची बेकरी की दिल्ली में भी दुकाने हैं। स्टाफ का कहना है कि उन्हें पुलिस ने सावधान रहने को कहा है। ये ब्रांड 1953 में स्थापित किया गया था। ये एक भारतीय कंपनी है। कंपनी के उत्पाद काफी मशहूर हैं जिसके कारण कंपनी का व्यापार न केवल भारत बल्कि विदेश में भी होता है। उनके फेसबुक पेज को एक लाख 18 हजार से भी ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। कंपनी ने अपना बयान ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया है।
इस बेकरी चेन की स्थापना खानचंद रामनानी ने 1953 में की थी। इसकी दिल्ली और बंगलूरू के अलावा मुंबई में भी दुकाने हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलवामा आतंकी हमले के बाद दुकान में आए लोग काफी गुस्से में थे। बता दें इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए।
लोगों द्वारा किए गए विरोध की कई लोगों ने निंदा भी की। किसी ट्विटर यूजर्स ने कहा, "कराची नाम हटाने की मांग कर हम बेवकूफों की तरह व्यवहार कर रहे हैं।" तो किसी ने कहा कि ये बिल्कुल गलत है।
Trying to change the name of Karachi Bakery? And I thought we were game changers and not name changers.
— Valay (@valayism) February 23, 2019
People in Banglore are protesting against Karachi bakery . Absolute clownish and pathetic . #Banglrprotests
— Hemanth Raj (@hemanthrj) February 23, 2019
पुलवामा में 14 फरवरी को हुए हमले के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, कश्मीरियों के खिलाफ नहीं।