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विदेश नीति में आतंकवाद का इस्तेमाल औजार के रूप में नहीं हो : अब्दुल्लाह
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 30 Sep 2017 04:01 AM IST
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- फोटो : DD NEWS
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कई आतंकवादी गुटों को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान की निंदा करते हुए अफगानिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी देश को विदेश नीति में आतंकवाद का सहारा या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाए और इस विषय पर मौलिक निर्णय लेने का यह उचित वक्त है।
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अफगानिस्तान के कार्यकारिणी परिषद के प्रमुख अब्दुल्लाह ने कहा कि उनका देश पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है और इसके (पाकिस्तान) विभिन्न आतंकी नेटवर्क अफगानिस्तान को अस्थिर करने की गतिविधियों को लगातार जारी रखे हुए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के आतंकी मंसूबों पर हमला बोलते हुए विश्वास जताया कि ‘अंधेरे और बुराई की ताकत हमेशा के लिए प्रबल नहीं हो सकती।’
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नई दिल्ली में एक भारतीय थिंक टैंक इंडियन काउंसिल फोर वर्ल्ड अफेयर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी देश का आतंकवाद को विदेश नीति का हिस्सा बनाना पूरे क्षेत्र के लिए नासूर बन जाता है। अफगानिस्तान में शांति और विकास संपूर्ण क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने भारत के साथ सच्ची मित्रता की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि विभिन्न आतंकी संगठन अफगानिस्तान को तबाह करने पर आमादा हैं। यह पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। अब्दुल्लाह ने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान ने कभी भी अच्छे और बुरे आतंकवाद की बात नहीं की है। वहीं शांति की बहाली पर जोर देते हुए अब्दुल्लाह ने यह भी कहा कि बातचीत के लिए अफगानिस्तान के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं।
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भारत मकान बनाने में करेगा मदद
भारत अफगानिस्तान लौटने वाले शरणार्थियों को किफायती कीमत के मकान बनाने में मदद करेगा। अब्दुल्लाह ने शुक्रवार को कहा कि भारत की मित्रता ने अफगानिस्तान के लाखों लोगों की जिंदगी को संवारने का काम किया है।
इस अवसर पर विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि अब्दुल्लाह की यह यात्रा नई अफगान पॉलिसी और मित्रता के अहम दौर में हो रही है। अफगानिस्तान भारत के लिए हमेशा से अहम रहा है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान लौटने वाले शरणार्थियों के लिए उनके देश में कम कीमत के मकान मुहैया कराने में भारत मदद करेगा। इसके लिए व्यापक योजना तैयार की गई है।