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महाराष्ट्र सरकार ने लावारिस वाहनों की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:21 PM IST
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सार्वजनिक स्थानों पर खड़े किए गए लावारिस वाहनों से सुरक्षा और बचाव को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने सभी नगर निगमों को आदेश दिया है कि वह एक ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार करें। ताकि इनसे होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके। निकायों को ये भी आदेश दिए गए हैं कि वह लोगों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी करें जिनपर वह लावारिस वाहनों की जानकारी दे सकें।
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राज्य के शहरी विकास विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 'हर नगर पालिका द्वारा एक ऐसी योजना बनाने की जरूरत है जिससे उन वाहनों का निपटारा किया जा सके जो गैर कानूनी तरीके से सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर खड़े किए जाते हैं।'
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इसके साथ ही नोटिस में कहा गया है कि एक टोल फ्री नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ई मेल आईडी जारी की जाए जिसपर लोग इन लावारिस वाहनों से संबंधित शिकायतें दर्ज करवा सकें। साथ ही लावारिस वाहनों से संबंधित शिकायतों के लिए एक अलग से शिकायत रजिस्टर होना चाहिए। ताकि आसानी से शिकायत होने पर कार्रवाई की जा सके। इससे संबंधित शिकायत स्थानीय पुलिस को भेजी जाएगी।
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नोटिस में कहा गया है कि नगर निकायों को अज्ञात शिकायतों पर भी अपनी प्रतिक्रिया देनी होगी। साथ ही लोग किस प्रकार संपर्क कर सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी मीडिया में प्रकाशित कराई जाए। इसके अलावा शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्य सरकार ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐसा सिस्टम बनाने का निर्देश दिया है, जिसके द्वारा लावारिस वाहनों के मुद्दे से निपटा जा सके। जो शहरों की सड़कों पर कहीं भी खड़े कर दिए जाते हैं, जिसके कारण ट्रैफिक, सुरक्षा और साफ सफाई में परेशानी होती है।
जून माह में भी पुणे नगर पालिका (पीएमसी) ने करीब 690 लावारिस वाहनों को जब्त किया था। जिनमें से 50 फीसदी तो ऐसे थे जो चोरी के थे। उनकी नंबर प्लेट भी बदल दी गई थी। और उनके मालिकों को जब नोटिस भेजा गया तो उनकी ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। मामले पर पीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि 'जब्त किए गए अधिकतर वाहन चोरी के होते हैं। और नगर निकाय उन्हीं वाहनों को नीलाम करते हैं जिनका किसी अपराध में प्रयोग न हुआ हो या फिर जिनके मालिक अपने वाहनों के बदले में जुर्माना देने से मना कर दें।'