सिद्धू की पीली पगड़ी से असमंजस में कांग्रेस
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पंजाब की राजनीति में इन दिनों पीला रंग काफी चमक रहा है। 18 जुलाई को सिद्धू जब भाजपा के राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने पार्लियामेंट गए थे, तब उन्होंने पीली पगड़ी पहन रखी थी। हाल ही में जब उन्होंने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तब भी वह पीली पगड़ी पहने हुए थे। सिद्धू की पीली पगड़ी के पंजाब की राजनीति में कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। इसे आम आदमी पार्टी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इन दिनों आप के नेता भी पीली पगड़ी में नजर आ रहे हैं।
सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हालांकि अपने पत्ते नहीं खोले हैं और अभी तक किसी पार्टी में आधिकारिक तौर पर भी शामिल नहीं हुए हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी के समर्थक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू के पीले पगड़ी पहनने से काफी खुश हैं।
पीली पगड़ी साफ संकेत है
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार आम आदमी पार्टी के एक सीनियर लीडर का कहना है,'सिद्धू ने एक स्टैंड लिया है और वह सिद्धांत वाले इंसान हैं। उनकी पीली पगड़ी से उनके द्वारा लिए गए निर्णय का साफ संकेत मिल रहा है। मगर वह सही समय पर अपने फैसले की घोषणा करंगे।' सिद्धू की प्रेस कॉन्फ्रेस के बाद कांग्रेस में दुविधा की स्थिति है। सिद्धू ने रिपोर्टर के सवाल के जवाब में कहा था, 'जहां पंजाब की भलाई होगी, वहां सिद्धू को पाएंगे।' इसके बाद से कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता चिंतित हैं। कांग्रेस के नेताओं को पंजाब में जीतने पर सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाने में भी कोई संकोच नहीं।
भाजपा को उम्मीद है कि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। सिद्धू के इस्तीफे पर जब भाजपा से पूछा गया इस पर पार्टी के महासचिव आरपी सिंह ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि वह अपने हीरो नरेंद्र मोदी को नहीं छोड़ेंगे।'