कर्नाटक से है कांग्रेस का किस्मत कनेक्शन, इंदिरा गांधी को बुरे वक्त में मिला था साथ
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कर्नाटक के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को कर्नाटक से चुनाव लड़ाने की मांग की है। दरअसल पिछले लोकसभा चुनाव में अपना सबसे बुरा प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस का दक्षिण के इस राज्य में किस्मत कनेक्शन रहा है। कांग्रेस को फिरसे राजनीति में स्थापित करने में कर्नाटक हमेशा मददगार बना है।
गांधी परिवार को बुरे जमाने में राजनीतिक जमीन वापस पाने में इस राज्य ने हमेशा मदद की है। कर्नाटक से जुड़े नेता चाहते हैं कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं राहुल भी अमेठी के साथ कर्नाटक की किसी सीट से चुनाव लड़ें। कांग्रेस का कर्नाटक के साथ मिथुक जुड़ा है।
इमरजेंसी के बाद कर्नाटक से लड़ीं इंदिरा गांधी
1977 के चुनाव में इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनाव हार गई थीं। आपातकाल के बाद बनी जनता पार्टी सरकार में घमासान शुरू हो गया था। 1978 में कर्नाटक की चिकमंगलूर सीट पर उपचुनाव हुआ तो इंदिरा वहां से चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गईं। राजनीतिक परिदृश्य से ओझल हुईं इंदिरा ने उपचुनाव प्रचंड बहुमत से जीता और उनकी वापसी का रास्ता खुला।
बेल्लारी से जीती थीं सोनिया गांधी
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी कि लिए भी कर्नाटक लकी रहा है। सीताराम केसरी के कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद पार्टी के सामने बड़ा संकट था। पार्टी नेताओं ने सोनिया को अध्यक्ष तो बना दिया लेकिन राजनीतिक परीक्षा कर्नाटक की बेल्लारी की सीट पर हुई। सोनिया को संसद में लाने के लिए 1999 में कर्नाटक इकाई ने सोनिया को बेल्लारी सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया। भाजपा ने उनके मुकाबले सुषमा स्वराज को उतारा पर सोनिया विजयी रहीं।