{"_id":"5dcab8708ebc3e5b5c25e6de","slug":"aam-aadmi-party-leader-sanjay-singh-accused-maharashtra-governor-house-become-the-king-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"आप नेता संजय सिंह बोले, 'राजा भवन' में तब्दील हुआ महाराष्ट्र का राजभवन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आप नेता संजय सिंह बोले, 'राजा भवन' में तब्दील हुआ महाराष्ट्र का राजभवन
Tue, 12 Nov 2019 07:19 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Tue, 12 Nov 2019 07:19 PM IST
विज्ञापन
आप नेता संजय सिंह प्रेस वार्ता करते हुए
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए अपमानजनक बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र का राजभवन एक राजा भवन में तब्दील हो गया है, जहां लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं हो रहा है और सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के इशारे पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था।
विज्ञापन
आप नेता संजय सिंह ने महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमर उजाला से कहा कि भाजपा ने नैतिकता के मायने बदल दिये हैं। अब उनकी नजर में विपक्ष को अनैतिक तरीके से दबाना ही नैतिकता है। अगर वे गोवा में कांग्रेस के विधायकों को गलत तरीके से अपने पाले में कर सत्ता हासिल करते हैं, तो वे उसे ठीक समझते हैं। जम्मू-कश्मीर में अफजल गुरु को शहीद बताने वाली पीडीपी से समझौता करते हैं, तो वे इसे सही साबित करते हैं, लेकिन शिवसेना और कांग्रेस को आपसी तालमेल बिठाने के लिए कुछ समय लगता है तो उन्हें इसमें अनैतिकता नजर आती है, जो कि गलत है।
विज्ञापन
संजय सिंह के मुताबिक हरियाणा में भी भाजपा ने उस जजपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई है, जिसके खिलाफ उसने चुनाव लड़ा था। इसी से साफ जाहिर होता है कि जो उनके साथ खड़ा हो जाता है, वही उनके लिए पवित्र हो जाता है, जबकि उनसे अलग राह अपनाते ही शिवसेना गलत हो जाती है।
विज्ञापन