Maharashtra: 'वाघ नख' तीन साल के लिए भारत आएगा; फडणवीस बोले- आदित्य ठाकरे का सवाल बचकाना, जवाब देने लायक नहीं
Maharashtra: आदित्य ठाकरे ने पूछा था कि ब्रिटेन के संग्रहालय से महाराष्ट्र लाया जा रहा वाघ नख क्या स्थायी रूप से यहां रहेगा या यह कर्ज पर है और क्या यह छत्रपति शिवाजी महाराज का है या उस युग का है।
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छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रसिद्ध वाघ नख यानी बाघ के पंजे वाले खंजर को तीन साल के लिए ब्रिटेन के संग्रहालय से महाराष्ट्र वापस लाया जाएगा। रविवार देर रात ब्रिटेन के लिए रवाना होने वाले राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के बाद वाघ नख को जल्द ही महाराष्ट्र वापस लाए जाने की संभावना है। शिवाजी महाराज ने 1659 में बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को मारने के लिए वाघ नख का इस्तेमाल किया था।
इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति शिवाजी महाराज के पंजे के आकार के हथियार 'वाघ नख' की प्रामाणिकता पर शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के सवालों को रविवार को 'बचकाना' और 'जवाब नहीं देने लायक' बताया।
'शिवसेना (अविभाजित) का अपमानजनक सवाल पूछने का इतिहास'
फडणवीस ने यह भी कहा कि (अविभाजित) शिवसेना का इस तरह के 'अपमानजनक' सवाल पूछने का इतिहास रहा है और आरोप लगाया कि उसके नेता संजय राउत ने एक बार महान योद्धा राजा की वंशावली पर सवाल उठाया था।
आदित्य ठाकरे ने पूछा था यह सवाल
ठाकरे ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूछा था कि ब्रिटेन के संग्रहालय से महाराष्ट्र लाया जा रहा वाघ नख क्या स्थायी रूप से यहां रहेगा या यह कर्ज पर है और क्या यह छत्रपति शिवाजी महाराज का है या उस युग का है।
फडणवीस बोले- आदित्य ठाकरे का सवाल बचकाना
फडणवीस ने रविवार को यहां एक स्वच्छता कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि शिवसेना (अविभाजित) का इस तरह के अपमानजनक सवाल उठाने का इतिहास रहा है। (राज्यसभा सांसद) संजय राउत ने भी एक बार छत्रपति शिवाजी महाराज के वंश पर सवाल उठाया था। (आदित्य) ठाकरे का सवाल बचकाना है। मैं इसका जवाब नहीं देना चाहता।
प्रतिष्ठित हथियार वापस लाने ब्रिटेन जाएंगे मंत्री और अधिकारी
राज्य के संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और उनके विभाग के अधिकारी इस प्रतिष्ठित हथियार को वापस पाने के लिए तीन अक्तूबर को ब्रिटेन जाने वाले हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रसिद्ध ‘वाघ नख’ (बाघ के पंजे वाला खंजर) को तीन साल के लिए ब्रिटेन के संग्रहालय से महाराष्ट्र वापस लाया जाएगा। रविवार देर रात ब्रिटेन के लिए रवाना होने वाले मुनगंटीवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के वाघ नख को तीन साल की अवधि के लिए भारत वापस लाने की खातिर राज्य सरकार और लंदन स्थित विक्टोरिया एंड अल्बर्ट संग्रहालय मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे।
वाघ नख के बारे में जानिए
ब्रिटेन स्थित विक्टोरिया एंड अल्बर्ट (वी एंड ए) संग्रहालय के अनुसार, ईस्ट इंडिया कंपनी के एक अधिकारी जेम्स ग्रांट डफ के स्कॉटलैंड लौटने के बाद वाघ नख को एक ‘फिटेड केस’ में रखा गया। ‘फिटेड केस’ पर लिखा है- 'शिवाजी का ‘वाघ नख’ जिससे उन्होंने मुगल सेनापति को मार गिराया। इसे ईडन के जेम्स ग्रांट डफ को मराठों के पेशवा द्वारा तब दिया गया था, जब वह सतारा के राजनीतिक एजेंट थे।'