EXCLUSIVE: G20 देशों के सामने रखा जाएगा ये टॉप एजेंडा, सहमति बनी तो बदल जाएगा करोड़ों युवाओं का भविष्य
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विस्तार
जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के सामने युवाओं को लेकर बड़ा एजेंडा पेश किया जाएगा। इसमें जी-20 देशों में कार्यशील युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का एक मॉडल पेश किया जाएगा। युवाओं के काम करने की परिस्थितियां, काम की अवधि, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, इंडस्ट्री 4.0 को युवाओं के लिए ज्यादा अनुकूल बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उनकी योग्यता बढ़ाने जैसे कई बिंदुओं को एक प्रेजेंटेशन ड्राफ्ट के जरिए जी-20 सदस्य देशों के सामने पेश किया जाएगा। यदि सभी देशों की सहमति बनी तो इससे जी-20 देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया में कामकाजी युवाओं के लिए एक बड़ा बदलाव आ सकता है।
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, जी-20 कार्यक्रम के पहले दिन यानी आठ सितंबर को सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों-प्रतिनिधियों के सामने युवाओं को लेकर Y20 के प्रस्तावों को पेश किया जाएगा। इन प्रस्तावों को जी-20 के सदस्य देशों के युवाओं से प्राप्त सलाहों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें इंडस्ट्री 4.0, नई औद्योगिक नीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्योगों में उपयोग कर कामकाज की स्थिति बेहतर बनाने और इसके द्वारा कम तकनीकी कुशल युवाओं के कौशल में सुधार कर उन्हें भी कमाने के ज्यादा बेहतर अवसर देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
मोदी विजन का प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाने, उनके तकनीकी कौशल में सुधार के हिमायती रहे हैं। वे उन्हें अपने कौशल में लगातार सुधार कर नई चुनौतियों के अनुरूप अपने को ढालने की बात भी करते रहे हैं। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए देश के युवाओं की तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका भी निभाई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वाई 20 ने युवाओं के बेहतर भविष्य को बनाने के लिए जो विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, उसमें प्रधानमंत्री की युवाओं के प्रति सोच की बड़ी भूमिका रही है।
क्या है Y20
Y20 जी-20 देशों के युवाओं का संगठन है। 2012 में इसे औपचारिक तौर पर जी-20 में शामिल किया गया था। तब से जी-20 सदस्य देशों के युवाओं की आवाज को जी-20 के विभिन्न फोरम पर रखने का काम करता रहा है। जी-20 देशों के साथ-साथ पूरे विश्व में युवाओं के काम करने की स्थितियों, उनकी शिक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने के विभिन्न मुद्दों पर विचार कर यह अपने सुझाव देता रहा है। हालांकि, अभी तक इस पर एक मत नहीं बन पाया था।
लेकिन इस मामले में भारत ने बड़ी सफलता हासिल की है। जी-20 के सभी सदस्य देशों के युवा आज युवाओं को ज्यादा बेहतर अवसर देते हुए उन्हें विकास करने के विभिन्न मुद्दों पर एकमत हो गये हैं। अब यदि सभी देश इन मुद्दों पर एकमत होते हैें और उसके अनुसार अपनी नीतियों में कुछ बदलाव कर युवाओं को बेहतर अवसर देने की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो इससे युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। युवाओं के बेहतर संतुष्टि पर इन देशों की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।
1497 कार्यक्रम आयोजित हुए
जब से भारत ने जी-20 कार्यक्रमों की शुरुआत की है, तब से अब तक वाई-20 के अंतर्गत 1497 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें सभी सदस्य देशों के युवा प्रतिनिधियों की विभिन्न विषयों पर राय ली गई है। इसके अलावा भारत के लगभग सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत कर अलग-अलग मुद्दों पर कुछ प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
युवाओं से प्राप्त इन विचारों के आधार पर वाई-20 ने एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें दुनिया को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपाय सुझाए गए हैं। युवाओं को बेहतर कामकाज के अवसर देना और उन्हें विकास करने की उचित संभावनाओं को उपलब्ध कराने को दुनिया की अर्थव्यवस्था और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक माना गया है। यदि सभी सदस्य देश इस पर सहमत होते हैं तो इससे युवाओं के कामकाज की परिस्थितियों में बड़ा सुधार आ सकता है।