सबरीमाला: बच्ची का आधार कार्ड देखकर नहीं जाने दिया मंदिर, पांबा बेस कैंप से लौटाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल के सबरीमाला मंदिर में अयप्पा भगवान के दर्शन करने जा रही एक 12 साल की बच्ची को पुलिस ने रोक दिया। ऑनलाइन बुकिंग के दौरान बच्ची की उम्र 10 साल बताई गई थी, लेकिन पुलिस ने जब चेकिंग के दौरान उसका आधार कार्ड देखा तो उसके अनुसार बच्ची की उम्र 12 साल निकली। इसके बाद उस बच्ची को पांबा कैंप से आगे नहीं जाने दिया गया। हालांकि उसका परिवार आगे बढ़ गया।
मालूम हो कि केरल के सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा का मंदिर शनिवार को खोला गया है। शनिवार को मंदिर में प्रवेश करनेवाली 10 महिलाओं को लौटा दिया गया था। महिलाओं को पांबा बेस कैंप से लौटा दिया गया था, जिसका विरोध भी देखने को मिला था। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना था कि मंदिर में प्रवेश से महिलाओं को रोका जाना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।
गौरतलब है कि पूर्व चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने पिछले साल केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। पांच सदस्यीय पीठ के तीन जजों ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के हक में फैसला दिया था। इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है, जिसे अब संविधान पीठ के पास सुनवाई के लिए भेजा गया है।