ममता के करीबी अधिकारी राजीव कुमार के घर पहुंची सीबीआई, पूछताछ के लिए दिया समन
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर पहुंची थी। जांच एजेंसी ने उन्हें शारदा चिट फंड मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को पेश होने के लिए समन दिया। वहां राजीव का कोई सूराग न मिलने पर सीबीआई टीन कोलकाता में पार्क स्ट्रीट स्थित राजीव कुमार के कार्यालय पर पहुंची है।
इससे पहले सीबीआई ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार के खिलाफ रविवार को ही लुकआउट नोटिस जारी किया था। राजीव पर आरोप है कि उन्होंने चिटफंड घोटाले की जांच के दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है।Saradha chit fund scam: CBI team reaches at the office of the Deputy Commissioner of Police in Park Street, Kolkata. The team had earlier gone to the residence of Kolkata Police Commissioner, looking for Rajeev Kumar. pic.twitter.com/TaWKc2OSSv
— ANI (@ANI) May 26, 2019विज्ञापन
लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद कुमार अब देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं। राजीव कुमार को मिली गिरफ्तारी से रोक की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई है। उन्होंने गिरफ्तारी से रोक की अवधि बढ़ाने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
अब यदि कुमार विदेश जाने की कोशिश करते हैं तो उनकी यात्रा से पहले सीबीआई सभी एयरपोर्ट अथॉरिटी को सूचना देगी। नोटिस 23 मई को जारी किया गया औऱ यह एक साल तक प्रभावी रहेगा। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि कुमार ने घोटाले से संबंधित सबूत जोकि सीडीआर के रूप में थे उनके साथ छेड़छाड़ और उन्हें बर्बाद किया है।
24 मई तक लगी थी गिरफ्तारी पर रोक
सीबीआई इसी मामले में कुमार से पूछताछ करने के लिए उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है। 24 मई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई थी। जिसे बढ़ाने के लिए वह उच्चतम न्यायालय गए लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली। अदालत ने उन्हें कोलकाता उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा है। गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद अब उन्हें कभी भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है।
राजीव कुमार के उत्तर प्रदेश में स्थित पैतृक घर पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में लग गई हैं। पश्चिम बंगाल में इस समय वकीलों की हड़ताल है जिसके कारण कुमार चाहकर भी उच्च न्यायालय का रुख नहीं कर पा रहे हैं।
मालूम हो कि गत फरवरी में उच्चतम न्यायालय ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी। लेकिन 17 मई को फरवरी में दिए अपने आदेश को वापस ले लिया था। हालांकि कोर्ट ने कुमार को सात दिनों की राहत देते हुए उचित फोरम का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा था।