भारत में हर 100 में से 97 मरीज हुए ठीक, दुनिया के किसी देश में नहीं हुए इतने मरीज ठीक
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कोरोना वायरस को लेकर जहां हर दिन संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में आती दिखाई दे रही है। वहीं इसके चलते वायरस की चपेट में आने वाले मरीज भी अब ज्यादा से ज्यादा संख्या में ठीक होकर अपने घर लौट रहे हैं। स्थिति यह है कि भारत में 100 कोरोना संक्रमित मरीजों में से अब तक 97 स्वस्थ हो चुके हैं।
संक्रमित होने के बाद इन्हें अस्पताल या होम आइसोलेशन में रखा गया था लेकिन इन मरीजों ने मजबूत प्रतिरोधक क्षमता की बदौलत संक्रमण को हरा दिया है। अमेरिका, इटली, फ्रांस, ब्राजील, ब्रिटेन, जर्मनी सहित दुनिया के किसी भी देश में संक्त्रस्मण की रिकवरी दर इतनी नहीं है।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत में कोरोना वायरस की रिकवरी दर 97 फीसदी पहुंच चुकी है। मंत्रालय के अनुसार पिछले एक दिन में कोरोना के 11,666 नए मरीज मिले हैं। जबकि 14,301 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इस बीच 123 लोगों की मौत हुई है।
इसी के साथ ही देश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1,07,01,193 हो चुकी है जिनमें से 1,03,73,606 ठीक हो चुके हैं जबकि 153,847 की मौत हो चुकी है। अभी देश में 173,740 सक्रिय मामले हैं। इसके अलावा कोरोना से होने वाली मौत की मृत्युदर भारत में 1.44 फीसदी है। पिछले वर्ष जून में कोरोना की मृत्युदर 3.4 फीसदी थी।
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह का कहना है कि दादरा एवं नागर हवेली और दमन व दीव में कोरोना वायरस की रिकवरी दर सबसे ज्यादा है। यहां 99.79 फीसदी मरीज अब तक स्वस्थ्य हो चुके हैं।
वहीं अरुणांचल प्रदेश में 99.58 और ओड़िशा में 99.07 फीसदी मरीज कोरोना संक्त्रस्मण को हराने में कामयाब रहे हैं। केरल में संक्त्रस्मित मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है लेकिन यहां रिकवरी दर 91.61 फीसदी है।
इन पांच में जिले सबसे ज्यादा सक्रिय मरीज
डॉ. सुजीत ने बताया कि देश में इस समय मुंबई, तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, कोट्टायम और कोझीकोड ऐसे पांच जिले हैं जहां कोरोना वायरस के सक्रिय मरीज सबसे ज्यादा हैं। यह सभी जिले दो राज्य महाराष्ट्र और केरल में हैं। इन दोनों ही राज्यों में 70 फीसदी सक्रिय मरीज इस समय उपचाराधीन हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में फिलहाल 31 प्रदेशों में पांच हजार से कम सक्रिय मरीज हैं। महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल को मिलाकर देखें तो 78 फीसदी सक्रिय मरीज इन राज्यों में हैं।
देश में 10 और लोगों में मिला वायरस का नया रूप
कोरोना संक्रमण को लेकर हर दिन नए मामले कम हो रहे हैं लेकिन देश में वायरस के नए रूप से पीड़ित मरीजों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। पिछले एक दिन में 10 लोगों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है।
ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देशों में फैला यह स्ट्रेन अब तक भारत में 165 लोगों में मिल चुका है। जानकारी यहां तक है कि पहले ब्रिटेन से आने वालों में यह स्ट्रेन मिल रहा था लेकिन अब उनके परिजन भी इससे संक्रमित हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में अब तक 165 लोग नए रूप से संक्रमित मिल चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि इन सभी मरीजों को अभी आइसोलेशन में रखा गया है। अभी तक यह पता चला है कि नए रूप से संक्रमित मरीजों को अलग से उपचार देने की जरूरत नहीं है।
देश में कोविड प्रबंधन के तहत जो उपचार दिया जा रहा है उसी के जरिये अब तक कई मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अलावा एक दिन पहले ही आईसीएमआर का एक अध्ययन सामने आया है जिसमें कहा है कि नए रूप से संक्रमित मरीजों को भी कोरोना वायरस का स्वदेशी टीका कोवाक्सिन असरदार साबित हो सकता है।
21 जिलों में 28 दिन से नहीं मिला कोई मरीज
कोरोना महामारी को लेकर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अगले कुछ दिन में देश के 21 जिलों को कोरोना संक्रमण से मुक्त घोषित किया जा सकता है। इन जिलों में पिछले 28 दिन से एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ही दिशा निर्देशों के अनुसार 28 दिन में नया मामला सामने नहीं आने पर उक्त जिले को हरे जोन में तब्दील किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में कोविड-19 पर मंत्री समूह की 23वीं बैठक हुई।। इस दौरान नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार ठाकुर ने जिलावार कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसके अनुसार बीते 28 दिन से देश के 21 जिलों में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। इसके अलावा छह जिले ऐसे हैं जहां 21 और 18 जिलों में 14 दिन से नया कोरोना मरीज नहीं मिला है।
इतना ही नहीं पिछले सात दिन की स्थिति पर गौर करें तो देश के 146 जिलों में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। अगर अगले दो से तीन सप्ताह तक यही स्थिति रहती है तो फरवरी के मध्य तक देश में 150 से अधिक जिलों को कोरोना मुक्त घोषित किया जा सकता है।
1.62 फीसदी मरीजों का चल रहा इलाज
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभी देश में कोरोना वायरस के 1.62 फीसदी मामले उपचाराधीन हैं। इनमें से 0.46 फीसदी मरीज वेंटिलेटर पर हैं। जबकि 2.20 फीसदी मरीजों का उपचार आईसीयू में चल रहा है।
इनके अलावा 3.02 फीसदी मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर उन्हें ऑक्सीजन युक्त बिस्तर पर रखा गया है। इतना ही नहीं पिछले सात दिन की स्थिति को लेकर सरकार ने दावा किया है कि दुनिया में सबसे कम भारत में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस की बढ़ोतरी दर 0.90 फीसदी दर्ज की गई है।
मंत्री समूह से जुड़े सभी 21 मंत्रालय
दरअसल देश में पिछले साल 30 जनवरी को पहला कोरोना संक्त्रस्मित मरीज मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मंत्री समूह का गठन किया था। कोविड महामारी को लेकर किए जाने वाले कार्यों से जुड़े सभी 21 मंत्रालयों को समूह से जोड़ा गया था।
इस समूह की पहली बैठक पिछले वर्ष 3 फरवरी को हुई थी। इसके बाद से अब तक 23 बैठक हो चुकी हैं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लगातार जांच को बढ़ाने और कोरोना संक्रमित मरीजों की निगरानी पर ध्यान देने की वजह से ही देश के जिलों में अब नए केस मिलना बंद हो रहा है।
अत्यधिक तत्परता से जांच करने से यह उपलब्धि हासिल हुई है। देश में 19.5 करोड़ से ज्यादा नमूनों की अब तक जांच की जा चुकी है। नमूनों की जांच की वर्तमान क्षमता प्रति दिन 12 लाख जांच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा परिकल्पित पूरी सरकार और पूरा समाज के दृष्टिकोण के साथ, भारत ने इस महामारी की सफलतापूर्वक रोकथाम की है। -हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री।