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9 Years of PM Modi: महाराष्ट्र में 9 साल में बने तीन गुना ज्यादा हाइवे, यूपी में भी खूब बने राष्ट्रीय राजमार्ग

Fri, 26 May 2023 05:50 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 26 May 2023 05:50 PM IST
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सार
9 Years of PM Modi: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि उनके विभाग के मंत्री नितिन गडकरी की सक्रियता और तेजी के चलते ही देश में हाइवे का लगातार निर्माण हो रहा है। केंद्रीय मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि 31 मार्च 2014 तक महाराष्ट्र में 6249 किलोमीटर की लंबाई के राजमार्ग थे...
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9 Years of PM Modi: 3 times more highways built in Maharashtra in 9 years, many national highways built in UP
9 Years of PM Modi - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

पीएम नरेंद्र मोदी की नौ साल की सरकार में जिन मंत्रालयों में सबसे ज्यादा काम हुआ, उसमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भी शामिल है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक बीते नौ साल में सबसे ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग महाराष्ट्र में बनकर तैयार हुए। नौ साल में इस राज्य में पहले की तुलना में तीन गुने से ज्यादा हाइवे बनाए गए। जबकि दूसरे नंबर पर किलोमीटर की संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हाइवे तैयार हुए। मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि बीते नौ साल में देश की सीमाओं पर लगने वाले राज्यों में भी राष्ट्रीय राजमार्ग न सिर्फ बेहतर हुए बल्कि इन राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई बढ़ाकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से रास्ते सुगम किए गए। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक अगले दो साल के भीतर भारतमाला परियोजना में दो लाख किलोमीटर सड़कों के बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि उनके विभाग के मंत्री नितिन गडकरी की सक्रियता और तेजी के चलते ही देश में हाइवे का लगातार निर्माण हो रहा है। केंद्रीय मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि 31 मार्च 2014 तक महाराष्ट्र में 6249 किलोमीटर की लंबाई के राजमार्ग थे। मोदी सरकार बनने के साथ ही जब राजमार्गों के निर्माण शुरू हुए, तो 28 फरवरी 2023 तक अकेले महाराष्ट्र में 18459 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग बनकर तैयार हो चुके थे। 2014 से पहले बने राष्ट्रीय राजमार्ग की तुलना में तकरीबन तीन गुना ज्यादा राजमार्ग की लंबाई का इजाफा महाराष्ट्र में हुआ। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 2014 की तुलना में 4000 किलोमीटर से ज्यादा के हाइवे का निर्माण किया गया है। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक 2014 तक उत्तर प्रदेश में 7986 किलोमीटर की लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो अब 12270 किलोमीटर के हो गए हैं।

इसी तरह मोदी सरकार से पहले पंजाब में महज 1699 किलोमीटर के ही राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जबकि इस साल फरवरी के आखिरी महीने तक पंजाब में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 4239 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग यहां पर बन चुके हैं। मध्यप्रदेश में भी पहले जहां 5116 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो अब 9105 किलोमीटर की लंबाई के साथ देश में चौथे नंबर के सबसे ज्यादा लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग वाले राज्य के तौर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। पूरे देश में पहले नंबर पर सबसे ज्यादा लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग महाराष्ट्र में हैं। दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश जबकि राजस्थान में 10706 किलोमीटर के साथ तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा लंवाई वाले राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। राजस्थान में 2014 से पहले 7646 किलोमीटर की लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग हुआ करते थे।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक बीते 9 साल में केवल दमन दीव एक ऐसा राज्य रहा, जहां पर एक किलोमीटर का भी राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं बना। 2014 से पहले भी दमन दीव में 22 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग हुआ करता था। आंकड़े बताते हैं कि 2023 में भी 22 किलोमीटर का ही राष्ट्रीय राजमार्ग है। इसी तरह दादर नगर हवेली में बीते 9 साल में महज 6 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई बढ़ाई गई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2014 से पहले दादर नगर हवेली में 31 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग हुआ करता था, जो 2023 तक 37 किलोमीटर का हो गया।

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आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार ने बॉर्डर को सुरक्षित करने के लिहाज से सीमा पर स्थित राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों का खूब निर्माण कराया। अरुणाचल प्रदेश में 2014 तक 2027 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो नौ साल में बढ़कर 4285 किलोमीटर हो गए। इसी तरह सिक्किम में सबसे ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया। मार्च 2014 तक सिक्किम 149 किलोमीटर का सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग था, जो 28 फरवरी 2023 तक तकरीबन पांच गुना की लंबाई के साथ 709 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग वाले राज्य के रूप में खूब सड़कें बनाई गईं। मणिपुर में जहां बीते पांच साल में 400 किलोमीटर के लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग तैयार किए गए। वहीं मिजोरम में यह संख्या तकरीबन 300 किलोमीटर की रही। नागालैंड में 741 किलोमीटर के राजमार्ग की तुलना में इस साल तक 1670 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग की दूरी तैयार हुई।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि बीते नौ साल में तकरीबन 54000 किलोमीटर की लंबाई की सड़कें बनाई गईं। औसतन 17 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग पूरे देश में रोजाना बनाए गए। केंद्रीय मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2014 तक पूरे देश में 91287 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग थे। जबकि 28 फरवरी 2023 तक यह संख्या 144983 किलोमीटर तक पहुंच गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन और वार्ड रोड कांग्रेस से जुड़े डॉ. हरीश कहते हैं निश्चित तौर पर सड़कों के बनने से खासतौर से राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से विकास की गति तो बढ़ती ही है, बल्कि अन्य गतिविधियों में सबसे ज्यादा बढ़ावा मिलता है। उनका कहना है कि पूरी दुनिया में भारत इकलौता देश है, जो सबसे तेजी से हाइवे एक्सप्रेस, एक्सप्रेस-वे और पुलों के निर्माण के साथ सड़कों के निर्माण में सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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