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50 लाख निवेशकों से 7 हजार करोड़ का महाघोटाला, कंपनी के 6 डायरेक्टर के खिलाफ मुकदमा

Thu, 14 Dec 2017 09:36 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 14 Dec 2017 09:36 AM IST
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7053 crore scam with 50 lakh investor

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक महाघोटाला सामने आया है, जहां 50 लाख से ज्यादा निवेशकों से सात हजार करोड़ से ज्यादा की रकम ठग ली गई। लोगों को ठगी का एहसास हुआ तो मामले में सेबी में शिकायत की गई,‌ जिसके बाद कंपनी के छह निदेशकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल मामले को आर्थिक अपराध शाखा ने अपने हाथ में ले लिया है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मामला जुड़ा है पैनकार्ड क्लब्स नाम की कंपनी से जिसने देशभर के 50 लाख से ज्यादा निवेशकों के साथ 7035 करोड़ की धोखाधड़ी की है। जानकारी के अनुसार बाजार नियामक प्राधिकरण यानि सेबी ने एक निवेशक की शिकायत के बाद इसकी जांच शुरू की थी जिसके बाद सात हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले का खुलासा हुआ। फिलहाल मामला सेबी से होता हुआ आर्थिक अपराध शाखा के पास पहुंच चुका है।
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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नरेन्द्र वाटुकार नाम के एक निवेशक ने बीते 10 दिसंबर को कंपनी के खिलाफ पुलिस में भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा दी है। अधिकारी के अनुसार फिलहाल प्रभादेवी ‌इलाके में स्थित कंपनी का ऑफिस बंद हो गया है।  

कैसे हुआ हजारों करोड़ का महाफ्रॉड 

7053 crore scam with 50 lakh investor

एक अधिकारी ने बताया कि पीसीएल कंपनी ने होटल में ठहरने के नाम पर बड़े स्तर पर निवेश की स्कीम चलाई थी। उन्होंने लोगों को अपने साथ जोड़ा और आकर्षक पैकेज दिखाकर निवेश करने के लिए कहा। अधिकारी के अनुसार वो निवेश के बदले में होटलों में हॉलीडे पैकेज ऑफर करते थे।

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी की ओर से जिन निवेशकों को भारी रिटर्न मिलने का ख्वाब दिखाया गया था उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाया। जिसके बाद एक निवेशक की ओर से सेबी में शिकायत की गई, जिसके बाद कंपनी के खिलाफ जांच शुरू हुई। सेबी ने जांच में पाया कि कंपनी एक सामूहिक निवेश योजना चला रही थी जिसके लिए उससे कोई अनुमति नहीं ली गई थी। जांच में पता चला कि कंपनी की ओर से मात्र एक फीसदी निवेशकों को ही स्कीम का लाभ दिया गया।

किसी बड़े घोटाले की आशंका को देख सेबी ने कंपनी को अपना बिजनेस बंद कर कोई भी नया निवेश न करने और निवेशकों का पैसा तीन महीनें में लौटाने का आदेश दिया। सेबी ने ये भी कहा कि कंपनी अपनी कोई संपत्ति अब नहीं बेच सकेगी। हालांकि सेबी के इस आदेश के खिलाफ आरोपी पीसीएल सिक्योरिटी अपीलेट ट्रिब्यूनल चली गई, लेकिन वहां से उसे कोई राहत नहीं मिल सकी। 

इसके बाद सेबी ने और तेजी से कार्रवाई करते हुए कंपनी की 34 संपत्तियों को अटैच करते हुए 250 बैंक खातों पर भी रोक लगा दी, जिसमें रिसोर्ट, भवन, ऑफिस स्पेश के साथ ही काफी मात्रा में खाली भूमि भी थी। 

एक अधिकारी के अनुसार एक निवेशक ने कंपनी के खिलाफ दादर पुलिस स्टेशन में 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद 82 से ज्यादा और निवेशकों ने आर्थिक अपराध शाखा में इसकी शिकायत की। सेबी के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने देशभर में 51 लाख से ज्यादा निवेशकों से निवेश के नाम पर 7,035 करोड़ से ज्यादा की रकम ऐंठ ली। पीसीएल में निवेश करने वाले अधिकतर निवेशकों में मध्य आयवर्ग के लोग हैं जिन्होंने अच्छे मुनाफे के चक्कर में पड़कर कंपनी में अपनी कमाई फंसा दी। 

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