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असम बाढ़ : 70 लाख लोग प्रभावित, 125 हुई मरने वालों की संख्या, 30 जिलों में कहर
Thu, 23 Jul 2020 05:11 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, गुवाहाटी
अमर उजाला नेटवर्क, गुवाहाटी
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 23 Jul 2020 05:11 AM IST
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असम में बाढ़
- फोटो : PTI
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असम में बुधवार को बाढ़ के चलते दो और लोगों की मौत हो गई। राज्य के 30 जिलों में बाढ़ का कहर और इससे 70 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की के मुताबिक बुधवार को बारपेटा के बागबोर में एक और मोरीगांव रेवेन्यू सर्किल के पास एक अन्य की बाढ़ से मौत हुई।
प्राधिकरण के मुताबिक अब तक राज्य में 125 लोग जान गंवा चके हैं। वहीं, धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, दारंग, बक्सा, नालबाड़ी, बारपेटा, चिरांग, कोकराझार, ढुबरी, गोलपारा समेत 26 जिलों में हालात बहुत बुरे हैं। इसमें गोलपारा सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां 4.86 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
बारपेटा में 3.82 लाख और मोरीगांव में 3.08 लाख प्रभावित हुए। एनडीआरएफ व एएसडीआरएफ की टीमें, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग राहत कार्य में जुटे हैं। मंगलवार को राज्य भर में 80 नावों से बाढ़ में फंसे 452 लोगों को बाहर निकाला गया। 2525 गांव पूरी तरह पानी में डूबे हैं और 1.15 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। राज्य के 20 जिलों में 391 राहत शिविर और वितरण केंद्र बनाए गए हैं जिनमें 45281 लोग ठहरे हैं।
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प्राधिकरण के मुताबिक अब तक राज्य में 125 लोग जान गंवा चके हैं। वहीं, धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, दारंग, बक्सा, नालबाड़ी, बारपेटा, चिरांग, कोकराझार, ढुबरी, गोलपारा समेत 26 जिलों में हालात बहुत बुरे हैं। इसमें गोलपारा सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां 4.86 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
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बारपेटा में 3.82 लाख और मोरीगांव में 3.08 लाख प्रभावित हुए। एनडीआरएफ व एएसडीआरएफ की टीमें, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग राहत कार्य में जुटे हैं। मंगलवार को राज्य भर में 80 नावों से बाढ़ में फंसे 452 लोगों को बाहर निकाला गया। 2525 गांव पूरी तरह पानी में डूबे हैं और 1.15 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। राज्य के 20 जिलों में 391 राहत शिविर और वितरण केंद्र बनाए गए हैं जिनमें 45281 लोग ठहरे हैं।
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ब्रह्मपुत्र का जलस्तर बढ़ने से और बिगड़ेंगे हालात
असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से बाढ़ के हालात और बिगड़ने का अंदेश है। अधिकारियों के मुताबिक बृहस्पतिवार तक ब्रह्मपुत्र के जलस्तर में और 30 सेमी वृद्धि होने का अनुमान है। नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
केंद्र ने की 346 करोड़ के पैकेज की घोषणा
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने असम में बाढ़ राहत कार्य के लिए 346 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। साथ ही बाढ़ के मुद्दे पर भूटान के साथ भी चर्चा की जाएगी। वहीं केंद्र ने बुधवार को बाढ़ राहत कार्य में जुटे चार भूटानी सैनिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। ये सैनिक माओखोला नदी पार करते वक्त फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे थे।
लंबा चलेगा राहत कार्य : प्रधान
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बुधवार को कहा, असम और बिहार में बाढ़ राहत कार्य मिशन मोड में जारी है लेकिन जैसे हालात हैं राहत कार्य लंबा चलेगा। 16 टीमें असम और 20 टीमें बिहार में तैनात की गई हैं। बिहार में गंदक नदी में अचानक 5 लाख कयूसेक पानी बढ़ने से मंगलवार को स्थिति गंभीर हो गई थी। हालांकि असम में स्थिति पहले से कुछ सुधरी है लेकिन अब भी चुनौती बड़ी है।
असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से बाढ़ के हालात और बिगड़ने का अंदेश है। अधिकारियों के मुताबिक बृहस्पतिवार तक ब्रह्मपुत्र के जलस्तर में और 30 सेमी वृद्धि होने का अनुमान है। नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
केंद्र ने की 346 करोड़ के पैकेज की घोषणा
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने असम में बाढ़ राहत कार्य के लिए 346 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। साथ ही बाढ़ के मुद्दे पर भूटान के साथ भी चर्चा की जाएगी। वहीं केंद्र ने बुधवार को बाढ़ राहत कार्य में जुटे चार भूटानी सैनिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। ये सैनिक माओखोला नदी पार करते वक्त फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे थे।
लंबा चलेगा राहत कार्य : प्रधान
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बुधवार को कहा, असम और बिहार में बाढ़ राहत कार्य मिशन मोड में जारी है लेकिन जैसे हालात हैं राहत कार्य लंबा चलेगा। 16 टीमें असम और 20 टीमें बिहार में तैनात की गई हैं। बिहार में गंदक नदी में अचानक 5 लाख कयूसेक पानी बढ़ने से मंगलवार को स्थिति गंभीर हो गई थी। हालांकि असम में स्थिति पहले से कुछ सुधरी है लेकिन अब भी चुनौती बड़ी है।