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NASAVI: 68 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को मिल चुका है इस योजना का लाभ, केंद्र ने 100 फीसदी रजिस्ट्रेशन का रखा लक्ष्य
Thu, 03 Jul 2025 08:07 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 03 Jul 2025 08:07 PM IST
सार
नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के राष्ट्रीय संयोजक अरबिंद सिंह ने अमर उजाला से कहा कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स भारत के खाने-खजाने को संजोने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
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नासवी के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अब तक 68 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को मिल चुका है। इसके अलावा अन्य वर्गों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ऐसे सभी छोटे स्ट्रीट वेंडर्स को उद्यम असिस्ट पोर्टल पर शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य लेकर चल रही है जिससे समय-समय पर इन्हें उचित ट्रेनिंग देकर नई चुनौतियों के बीच अपना स्वरोजगार करते रहने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।
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छोटे कारोबारियों के लिए मददगार साबित हुई PMSY
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के उप सचिव पराग हर्षद गवली ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना छोटे कारोबारियों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। इसके माध्यम से पूंजी मिल जाने के बाद छोटे कारोबारियों को निजी महाजनों के चंगुल में जाने से बचाया जा सका है। एक बार कर्ज चुकता करने के बाद ऐसे स्ट्रीट वेंडर्स को दूसरी-तीसरी बार कर्ज की रकम बढ़ा कर दी जाती है, इससे उन्हें अपने रोजगार को बेहतर करने में मदद मिल रही है।
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'पसंद स्थानीय स्तर पर विविधतापूर्ण होती है'
इंडिया स्ट्रीट वेंडर फोरम पर वरिष्ठ पत्रकार और प्रोफेसर पुष्पेश पंत ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में हर व्यक्ति के लिए रोजगार देना केवल स्वरोजगार के माध्यम से ही संभव है। जिस तरह लोगों की खाने-पीने की पसंद स्थानीय स्तर पर विविधतापूर्ण होती है, इसके माध्यम से लोगों की सेवा करने का क्षेत्र भी स्थानीय प्रकृति का होता है, ऐसे में इस सेक्टर में हर इलाके के लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट फूड वेंडिंग सेक्टर में एक साथ हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।
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नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के राष्ट्रीय संयोजक अरबिंद सिंह ने अमर उजाला से कहा कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स भारत के खाने-खजाने को संजोने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इनको बढ़ावा देकर सरकार न केवल लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकती है, बल्कि भारतीय खानपान की परंपरागत संस्कृति को भी सहेज सकती है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए केंद्र-राज्य सरकारों के अधिक सहयोग की आवश्यकता है, जबकि ज्यादातर जगहों पर प्रशासन इन्हें हटाने के लिए काम करता है जिससे इनकी रोजी-रोटी को चोट पहुंचती है।
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छोटे कारोबारियों के लिए मददगार साबित हुई PMSY
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के उप सचिव पराग हर्षद गवली ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना छोटे कारोबारियों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। इसके माध्यम से पूंजी मिल जाने के बाद छोटे कारोबारियों को निजी महाजनों के चंगुल में जाने से बचाया जा सका है। एक बार कर्ज चुकता करने के बाद ऐसे स्ट्रीट वेंडर्स को दूसरी-तीसरी बार कर्ज की रकम बढ़ा कर दी जाती है, इससे उन्हें अपने रोजगार को बेहतर करने में मदद मिल रही है।
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'पसंद स्थानीय स्तर पर विविधतापूर्ण होती है'
इंडिया स्ट्रीट वेंडर फोरम पर वरिष्ठ पत्रकार और प्रोफेसर पुष्पेश पंत ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में हर व्यक्ति के लिए रोजगार देना केवल स्वरोजगार के माध्यम से ही संभव है। जिस तरह लोगों की खाने-पीने की पसंद स्थानीय स्तर पर विविधतापूर्ण होती है, इसके माध्यम से लोगों की सेवा करने का क्षेत्र भी स्थानीय प्रकृति का होता है, ऐसे में इस सेक्टर में हर इलाके के लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट फूड वेंडिंग सेक्टर में एक साथ हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।
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नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) के राष्ट्रीय संयोजक अरबिंद सिंह ने अमर उजाला से कहा कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स भारत के खाने-खजाने को संजोने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इनको बढ़ावा देकर सरकार न केवल लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकती है, बल्कि भारतीय खानपान की परंपरागत संस्कृति को भी सहेज सकती है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए केंद्र-राज्य सरकारों के अधिक सहयोग की आवश्यकता है, जबकि ज्यादातर जगहों पर प्रशासन इन्हें हटाने के लिए काम करता है जिससे इनकी रोजी-रोटी को चोट पहुंचती है।
स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया