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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश दिलाने को 35 लाख महिलाओं ने बनाई 620 किमी लंबी शृंखला
Tue, 01 Jan 2019 12:13 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्ची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्ची
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 01 Jan 2019 12:13 PM IST
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सबरीमाला
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिलाने में नाकाम रही राज्य सरकार ने अब सामाजिक अभियान का सहारा लिया है। एलडीएफ सरकार ने मंगलवार को 620 किमी लंबी महिला शृंखला बनाने का आयोजन कराया। लैंगिक समानता के लिए इसमें राज्य के उत्तरी कासरगोड से दक्षिणी छोर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे करीब 35 लाख महिलाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया।
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केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने इस शृंखला का नेतृत्व किया। वहीं, माकपा की वरिष्ठ नेता बृंदा करात इस शृंखला में आखिरी महिला थीं। शाम 4 बजे शुरू हुए इस अभियान में राज्य के 14 जिलों में लेखक, अभिनेता, खिलाड़ी, नेता, गृहणियां और सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए। देवास्वम मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने बताया कि कुछ जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। वहीं विश्वविद्यालयों में मंगलवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को भगवान अयप्पा स्वामी के मंदिर में प्रवेश की पाबंदी हटा दी थी। हालांकि, भगवान अयप्पा के भक्तों के विरोध के कारण अब तक एक भी महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकी है।
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दुनिया की सबसे लंबी ‘महिला दीवार’
यूनिवर्सल रिकॉर्ड फोरम के प्रतिनिधियों ने इसे अनूठा बताते हुए दुनिया की सबसे लंबी महिला ‘दीवार’ बताया। इसमें 35 लाख से ज्यादा महिलाओं ने हिस्सा लिया। वहीं माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन का दावा है कि इसमें 55 लाख महिलाओं ने हिस्सा लिया।