{"_id":"61ebd0894287b65dc36cb9fd","slug":"60-percent-mlas-in-goa-switched-parties-in-last-five-years-a-record-in-india-adr-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोवा में दलबदलू नेताओं का रिकॉर्ड: एडीआर की रिपोर्ट- पिछले पांच वर्षों में 60 फीसदी से अधिक विधायकों ने बदली पार्टी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गोवा में दलबदलू नेताओं का रिकॉर्ड: एडीआर की रिपोर्ट- पिछले पांच वर्षों में 60 फीसदी से अधिक विधायकों ने बदली पार्टी
Sat, 22 Jan 2022 03:08 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, पणजी
पीटीआई, पणजी
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 22 Jan 2022 03:08 PM IST
सार
गोवा विधान सभा देश की एकसदनीय विधायिका है। इसमें कुल 40 सदस्य हैं। वर्तमान में यहां एनडीए की सरकार चल रही है। 14 फरवरी को यहां चुनाव होने हैं।
विज्ञापन
गोवा विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोवा में कम से कम 24 विधायक, जो कि 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा की कुल संख्या का 60 प्रतिशत है, ने पिछले पांच वर्षों में दल बदल लिया है जो कि भारत में एक रिकॉर्ड है। एडीआर की रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है।एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गोवा में दलबदलू नेताओं ने एक अनूठा रिकॉर्ड बनाया है, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अद्वितीय है।
विज्ञापन
मतदाताओं के जनादेश के प्रति पूर्ण अनादर का प्रतिबिंब: रिपोर्ट
एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान विधानसभा (2017-2022) के पांच साल के कार्यकाल में, 24 विधायकों ने अपनी पार्टियों को बदल दिया है, जो सदन की कुल क्षमता का 60 फीसदी है। यह भारत में कहीं और कभी नहीं हुआ है। यह स्पष्ट तौर पर मतदाताओं के जनादेश के प्रति पूर्ण अनादर का प्रतिबिंब है। नैतिकता और अनुशासन के लिए एक कठोर दृष्टिकोण अनियंत्रित लालच से सबसे खराब स्थिति में है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में तीन नेताओं का नाम शामिल नहीं
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 विधायकों की सूची में विश्वजीत राणे, सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के नाम शामिल नहीं हैं, जिन्होंने 2017 में कांग्रेस विधायकों के रूप में इस्तीफा दे दिया था और अपने टिकट पर चुनाव लड़ने से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। 2019 में कांग्रेस के दस विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। इनमें विपक्ष के तत्कालीन नेता चंद्रकांत कावलेकर (क्यूपेम निर्वाचन क्षेत्र) भी शामिल थे।
विज्ञापन