{"_id":"6a178a7c5f46ff59ac0f70cf","slug":"5th-gen-fighter-aircraft-project-now-in-hands-of-the-private-sector-first-prototype-flight-expected-by-2028-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"5th Gen Fighter Aircraft: अब निजी क्षेत्र के पास प्रोजेक्ट, पहली प्रोटोटाइप उड़ान 2028 तक होने की उम्मीद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
5th Gen Fighter Aircraft: अब निजी क्षेत्र के पास प्रोजेक्ट, पहली प्रोटोटाइप उड़ान 2028 तक होने की उम्मीद
Thu, 28 May 2026 05:52 AM IST
Pavan
आशुतोष भाटिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशुतोष भाटिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 28 May 2026 05:52 AM IST
सार
रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान परियोजना के लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और तीन बड़ी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से भविष्य में भारतीय वायुसेना की ताकत को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (एमका) के प्रोजेक्ट की कमान सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) की बजाय निजी क्षेत्र के हाथों में सौंप दी गई है। रक्षा मंत्रालय ने तीन निजी कंपनियों को आधिकारिक तौर पर इस विमान के निर्माण के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया है।
यह भी पढ़ें- ट्रॉमा इलाज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कहा-हर घायल को तुरंत इलाज देना मौलिक अधिकार, एम्बुलेंस पर क्या निर्देश दिए?
तेजस मार्क1ए का ऑर्डर पूरा करने में जुटा HAL
इस फैसले की एक वजह यह भी है कि एचएएल अपने तेजस मार्क1ए जैसे भारी भरकम ऑर्डर समय पर पूरा नहीं कर सका। कंपनी को इसके बाद तेजस मार्क-2 भी बनाना है। यदि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का प्रोजेक्ट एचएएल के पास ही रहता तो विमान की आपूर्ति 2035 से भी देरी का अंदेशा बना रहता। एचएएल का भले निगमीकरण कर दिया गया हो, पर वह प्रशासनिक लेटलतीफी से आजाद नहीं है। निजी कंपनियां सामान खरीदने में स्वतंत्र होंगी। इसलिए समय सीमा का पालन कर पाएंगी। एमका को निजी हाथों में सौंपने से आपूर्ति में लगने वाला वाला समय कम हो जाएगा।
विज्ञापन
विमान के निर्माण के लिए आरएफपी जारी
बता दें कि, एएमसीए कार्यक्रम को भारत की सबसे महत्वाकांक्षी लड़ाकू विमान परियोजना माना जा रहा है, जिसके 2030 के मध्य से भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता की रीढ़ बनने की उम्मीद है। यह एक दो इंजन वाला स्टील्थ लड़ाकू विमान होगा, जिसमें उन्नत सेंसर प्रणाली, अंदरूनी हथियार रखने की सुविधा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और नेटवर्क से जुड़ी युद्ध क्षमता जैसे आधुनिक फीचर्स होंगे।
यह भी पढ़ें- Weather: नौतपा की आग में झुलसा उत्तर भारत, अब पश्चिमी विक्षोभ से राहत की आस; PM मोदी ने भी की ये अपील
जल्द मिलेगा विमान
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लि. (टीएएसएल), एलएंडटी व कल्याणी समूह की भारत फोर्ज कंपनी को कमान सौंपने के फैसले के बाद एमका विमान की पहली प्रोटोटाइप उड़ान 2028 तक होने की संभावना है। निजी कंपनियों की वैश्विक आपूर्ति शृंखला तक सीधी पहुंच सरकारी लेटलतीफी कम करेगी। इससे परियोजना के तेजस की तरह सालों-साल लटकने का जोखिम कम हो गया है। निजी कंपनियां विदेशी इंजन निर्माताओं के साथ संयुक्त उपक्रम लगाने में ज्यादा लचीली होती हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- ट्रॉमा इलाज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कहा-हर घायल को तुरंत इलाज देना मौलिक अधिकार, एम्बुलेंस पर क्या निर्देश दिए?
विज्ञापन
तेजस मार्क1ए का ऑर्डर पूरा करने में जुटा HAL
इस फैसले की एक वजह यह भी है कि एचएएल अपने तेजस मार्क1ए जैसे भारी भरकम ऑर्डर समय पर पूरा नहीं कर सका। कंपनी को इसके बाद तेजस मार्क-2 भी बनाना है। यदि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का प्रोजेक्ट एचएएल के पास ही रहता तो विमान की आपूर्ति 2035 से भी देरी का अंदेशा बना रहता। एचएएल का भले निगमीकरण कर दिया गया हो, पर वह प्रशासनिक लेटलतीफी से आजाद नहीं है। निजी कंपनियां सामान खरीदने में स्वतंत्र होंगी। इसलिए समय सीमा का पालन कर पाएंगी। एमका को निजी हाथों में सौंपने से आपूर्ति में लगने वाला वाला समय कम हो जाएगा।
विज्ञापन
विमान के निर्माण के लिए आरएफपी जारी
बता दें कि, एएमसीए कार्यक्रम को भारत की सबसे महत्वाकांक्षी लड़ाकू विमान परियोजना माना जा रहा है, जिसके 2030 के मध्य से भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता की रीढ़ बनने की उम्मीद है। यह एक दो इंजन वाला स्टील्थ लड़ाकू विमान होगा, जिसमें उन्नत सेंसर प्रणाली, अंदरूनी हथियार रखने की सुविधा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक और नेटवर्क से जुड़ी युद्ध क्षमता जैसे आधुनिक फीचर्स होंगे।
यह भी पढ़ें- Weather: नौतपा की आग में झुलसा उत्तर भारत, अब पश्चिमी विक्षोभ से राहत की आस; PM मोदी ने भी की ये अपील
जल्द मिलेगा विमान
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लि. (टीएएसएल), एलएंडटी व कल्याणी समूह की भारत फोर्ज कंपनी को कमान सौंपने के फैसले के बाद एमका विमान की पहली प्रोटोटाइप उड़ान 2028 तक होने की संभावना है। निजी कंपनियों की वैश्विक आपूर्ति शृंखला तक सीधी पहुंच सरकारी लेटलतीफी कम करेगी। इससे परियोजना के तेजस की तरह सालों-साल लटकने का जोखिम कम हो गया है। निजी कंपनियां विदेशी इंजन निर्माताओं के साथ संयुक्त उपक्रम लगाने में ज्यादा लचीली होती हैं।