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TOEFL: कोविड-19 के बाद से भारत में टॉफेल परीक्षा देने वालों की संख्या में 59 प्रतिशत का इजाफा, पढ़ें पूरी खबर

Mon, 18 Sep 2023 07:00 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 18 Sep 2023 07:00 AM IST
सार

एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा फिर से शुरू होने के बाद से भारत में टॉफेल परीक्षा देने वालों की संख्या में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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59 percent increase in people giving TOEFL exam in India after Covid-19
ईटीएस टॉफेल (ETS TOEFL) - फोटो : Logo

विस्तार

एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा फिर से शुरू होने के बाद से भारत में टॉफेल परीक्षा देने वालों की संख्या में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2022 में वैश्विक स्तर पर कुल टॉफेल परीक्षार्थियों में भारतीयों की भागीदारी 12.3 प्रतिशत थी, जो पिछले 2021 की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक थी। भारत में पिछले वर्ष की तुलना में 2021 में टॉफेल परीक्षा देने वालों में 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2022 में परीक्षार्थियों की संख्या में 2021 की तुलना में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 

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एक विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा का टेस्ट (टॉफेल) और ग्रेजुएट रिकॉर्ड परीक्षा (जीआरई) का आयोजन प्रिंसटन स्थित ईटीएस कराता है। आव्रजन उद्देश्यों के लिए विदेश जाने की इच्छा रखने वाले भारतीयों को इस परीक्षा से गुजरना होता है। यह अंग्रेजी बोलने वाले विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों की अंग्रेजी भाषा की दक्षता को मापने का परीक्षण है। परीक्षण को 160 से अधिक देशों में 12,000 से अधिक संस्थानों की ओर से स्वीकार किया जाता है। इनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के संस्थान एवं यूके में 98% से अधिक विश्वविद्यालय शामिल हैं। टॉफेल वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त 60 साल पुरानी परीक्षा है।

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यूके, अमेरिका के विवि, संस्थान देते हैं परीक्षा को मान्यता

एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा फिर से शुरू होने के बाद से भारत में टॉफेल परीक्षा देने वालों की संख्या में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2022 में वैश्विक स्तर पर कुल टॉफेल परीक्षार्थियों में भारतीयों की भागीदारी 12.3 प्रतिशत थी, जो पिछले 2021 की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक थी। भारत में पिछले वर्ष की तुलना में 2021 में टॉफेल परीक्षा देने वालों में 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2022 में परीक्षार्थियों की संख्या में 2021 की तुलना में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा का टेस्ट (टॉफेल) और ग्रेजुएट रिकॉर्ड परीक्षा (जीआरई) का आयोजन प्रिंसटन स्थित ईटीएस कराता है।

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आव्रजन उद्देश्यों के लिए विदेश जाने की इच्छा रखने वाले भारतीयों को इस परीक्षा से गुजरना होता है। यह अंग्रेजी बोलने वाले विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों की अंग्रेजी भाषा की दक्षता को मापने का परीक्षण है। परीक्षण को 160 से अधिक देशों में 12,000 से अधिक संस्थानों की ओर से स्वीकार किया जाता है। इनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के संस्थान एवं यूके में 98% से अधिक विश्वविद्यालय शामिल हैं। टॉफेल वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त 60 साल पुरानी परीक्षा है। 

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