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यूपी महिला संरक्षण गृह से 57 लड़कियों के लापता होने का मामला, हाई कोर्ट 8 सितंबर को करेगा सुनवाई
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Mon, 24 Sep 2018 09:18 PM IST
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राजकीय महिला संरक्षण गृह आगरा से 57 लड़कियों के गायब होने के बाद गुड़िया संस्था ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में केस दर्ज कराया है। इस मामले में सुनवाई रमेश सिंन्हा की कोर्ट संख्या एक में 8 सितंबर 18 को होगी। जबकि आगरा के जिला सत्र न्यायालय में इस मामले की पहले से ही बहस पूरी हो चुकी है और एक अक्टूबर को इसका फैसला आना है।
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बता दें कि गुड़िया संस्था ने प्रशासन के सहयोग से इलाहाबाद के रेड लाइट मीरगंज इलाके में छापा मारकर 67 महिलाएं एवं 37 बच्चों को बरामद किया था। एसडीएम सदर इलाहाबाद ने 21 मई 16 को सुरक्षित आश्रय के लिए सभी को राजकीय महिला संरक्षण गृह आगरा भेज दिया। डीएम इलाहाबाद एवं प्रमुख सचिव महिला कल्याण ने गुड़िया संस्था वाराणसी को इन महिलाओं एवं बच्चों की काउंसलिंग की जिम्मेदारी सौंप दी।
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गुड़िया संस्था ने पाया कि उनमें से 57 लड़कियां गायब हो गई हैं जिसके बाद प्रमुख सचिव महिला कल्याण के यहां शिकायत दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि महिला संरक्षण गृह ने लड़कियों को बेच दिया है। मामलो को गंभीरता से लेते हुए 21 मई 17 को डीपीओ आगरा को जांच सौंपी गई। जांच में पाया गया कि अधीक्षिका गीता राकेश ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के 57 बच्चियों को छोड़ दिया है।
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प्रमुख सचिव के निर्देश पर उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी निदेशालय महिला कल्याण लखनऊ को 31 मई 17 को अधीक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। एक जून 17 को इस मामले में अधीक्षिका गीता राकेश एवं अन्य के खिलाफ आगरा के एतमादौला थाने में केस दर्ज कराया गया। सीओ बीएल त्यागी ने विवेचना किया जिसमें पाया कि बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के कोठा संचालकों की साठगांठ से पीड़िताओं को रेड लाइट एरिया के पतों पर छोड़ दिया गया।
अभी तक देवरिया एवं अन्य स्थानों से गायब युवतियां तो बरामद हो चुकी हैं लेकिन आगरा से गायब 57 लड़कियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गायब युवतियों में जौनपुर की दो महिलाएं हैं। बाकी राजस्थान, नेपाल, बिहार, वाराणसी आदि स्थानों से हैं।