#नोटबंदी 22वां दिन: RBI ने दोगुनी की 500 के नोटों को छापने की रफ्तार
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8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद से हो रही कैश की कमी अभी भी जारी है। 500 के नए नोट की सप्लाई कम होने की वजह से 2000 का बड़ा नोट ही बाजार में मौजूद है। वहीं कैश की कमी की खबरों के बीच आरबीआई का कहना है कि 500 रुपये के नोटों का वितरण जारी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक आरबीआई ने कहा है कि 500 रुपये के नोटों की प्रिंटिंग को बढ़ाकर डबल कर दिया गया है। वहीं 500 के नोट की बाजार में कमी की वजह से 2000 के नोट कम इस्तेमाल हो रहे हैं। लोगों के पास इस नए बड़े नोट के खुले मौजूद नहीं हैं।
प्राइवेट बैंक के एक अधिकारी के मुताबिक 500 का नोट अभी वितिरत नहीं हो पा रहा है। ज्यादा 500 के नोट आने से एटीएम पर दबाव कम होगा।
2000 करोड़ से कम 500 के नोट चलन में आ पाए
पिछले हफ्ते कई जगह वितरित हुआ 500 का नोट अलग-अलग था। प्रिटिंग में अंतर की वजह से लोगों में नकली नोट के बाजार में चलन का डर भी बना हुआ है। हालांकि आरबीआई ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि कुछ नोट प्रिंटिंग में खामियों के साथ छापे गए थे, लेकिन वो नोट वैध हैं।
नोटबंदी से पहले 1660 करोड़ 500 के पुराने नोट चलन में थे, जो कुल करेंसी का 8.3 लाख करोड़ रुपया था। बैंकर्स कहते हैं कि अभी तक 2000 करोड़ रुपये से कम के 500 के नोट ही चलन में आ पाए हैं।
सूत्र बताते हैं कि नासिक और देवास में नोटों की प्रिंटिंग प्रेस से 500 रुपये के नोटों की छपाई हो रही है। वहीं पश्चिम बंगाल की सलबोनी और मैसूर में 2000 और 100 के नोटों की प्रिंटिंग की जा रही है। नोटों की कमी की वजह से नासिक में छपाई की क्षमता दोगुनी करके 80 लाख नोट (400 करोड़) प्रतिदिन कर दी गई है।