फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   50 percent applications for relief from Cyclone Yaas were fake in West bengal

पश्चिम बंगाल: चक्रवात यास से राहत के लिए आए 50 फीसदी आवेदन फर्जी, खारिज किए गए

Sun, 04 Jul 2021 08:01 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 04 Jul 2021 08:01 PM IST
सार

बंगाल सरकार को पिछले महीने चक्रवात यास से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 'अपने द्वार त्राण' (द्वार पर राहत) कार्यक्रम के तहत स्थापित किए गए शिविरों में कम से कम तीन लाख 81 हजार 774 आवेदन मिले थे।

विज्ञापन
50 percent applications for relief from Cyclone Yaas were fake in West bengal
चक्रवात यास के दौरान कुछ ऐसे हो गए थे हालात - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

पश्चिम बंगाल सरकार ने चक्रवात यास से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवाजा के लिए किए गए 50 फीसदी आवेदनों को ‘फर्जी’ पाया है और उन्हें खारिज कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला अधिकारियों की ओर से मौके पर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान ये आवेदन फर्जी पाए गए हैं।

विज्ञापन


अधिकारी ने कहा कि सभी आवेदनों का 18 से 30 जून के बीच किए गए सत्यापन के बाद, कम से कम एक लाख 86 हजार 815 आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। ये आवेदन मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी या शहरी स्थानीय निकाय के प्रमुखों की ओर से खारिज किए गए हैं, क्योंकि वे फर्जी पाए गए हैं।'
विज्ञापन


बता दें कि चक्रवात यास मई में पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आया था। इसने काफी तबाही मचाई थी, खासकर तटीय क्षेत्रों में तो इसकी वजह से लोगों को खासी समस्या का सामना करना पड़ा था। दक्षिण 24 परगना जिले से दायर एक लाख 62 हजार 586 आवेदनों में से 75,773 आवेदनों को खारिज कर दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह पूर्वी मिदनापुर के एक लाख 17 हजार 654 नमूनों में से 72,878 नमूनों को खारिज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि सत्यापन के दौरान हमने पाया कि नंदीग्राम- प्रथम खंड से दायर 14 हजार आवेदनों में से 12 हजार आवेदन फर्जी हैं। एगरा द्वितीय के 6874 में से सिर्फ 52 आवेदन ही वास्तविक पाए गए।'

अधिकारी ने बताया कि दरवाजे पर राहत कार्यक्रम के तहत लगाए गए कैंपों में सरकार को पिछले महीने करीब 3,81,774 आवेदन मिले थे। 18 से 30 जून के बीच सभी आवेदनों की जांच पड़ताल के बाद 1,86,815 आवेदनों को खारिज कर दिया गया। ये आवेदन फर्जी पाए जाने पर बीडीओ या शहरी निकाय संस्थाओं के प्रमुखों द्वारा रद्द किए गए। चक्रवात यास मई महीने में आया था और इसके चलते राज्य में काफी तबाही हुई थी।

सरकार ने यास के चलते कृषि भूमि को हुए नुकसान के लिए 1000 से 25000 रुपये के क्षतिपूर्ति का एलान किया था। पान की खेती और पशुओं को हुए नुकसान के लिए 5000 से लेकर 30000 रुपये के मुआवजे की बात कही थी। साथ ही कच्चे घरों को हुए आंशिक नुकसान के लिए 5000 और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए घरों के लिए 20000 रुपये देने की घोषणा की थी।

यास प्रभावित तटीय इलकों में वितरित किए गए धान के बीज

राज्य के तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान यास से प्रभावित किसानों की मदद करने के लिए राज्य सरकार ने धान के विशेष प्रकार बीज वितरित किए हैं। इन किस्मों के धान की पौध मिट्टी में खारापन घटाती हैं और धान की उपज भी अच्छी होती है। राज्य के कृषि विभाग ने उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर इन तीन तटीय जिलों में किसानों को कुल 1290 टन 'नोना सोर्नो' धान के बीज वितरित किए हैं। ये तीन जिले यास चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। इन बीजों के वितरण पर 11 करोड़ का खर्च आया है।

राज्य के कृषि मंत्री शोभंडेब चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘हमने मुख्य मंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत जमीन में खारेपन को दूर करने में सहयक धान के कई बीजों का चयन किया है जो किसानों के बीच बांटे गए है और इससे उन्हें फायदा भी हुआ है।’ गौरतलब है कि 2020 में आए अम्फान तूफान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कृषि विभाग से ऐसी परेशानियों का कोई समाधान करने का आग्रह किया था। जिसके बाद अब विभाग ने नोना सुबरना, नोनाश्री, धीरेन, दूधेश्वर, कलमा, 'नोना सोर्नो' के गोसाबा-1 आदि धान की किस्मों की पहचान की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed