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Hindi News ›   India News ›   5 Very Important Things to Know from PM Modi's Cabinet reshuffle

मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार की वो खास बातें, जो आपको नहीं पता होंगी!

Wed, 06 Jul 2016 01:37 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 06 Jul 2016 01:37 PM IST
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5 Very Important Things to Know from PM Modi's Cabinet reshuffle
'सबका साथ सबका विकास' के रास्ते पर मोदी की नई सेना - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरकार मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दे दिया। इसके साथ ही मोदी के मंत्रिमंडल में 19 नए चेहरे भी शामिल हो गए। उत्तर प्रदेश से जहां तीन नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिली वहीं उत्तराखंड से एक और मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, राजस्‍थान से भी प्रर्याप्त चेहरों को कैबिनेट में जगह दी गई।

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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले साल चुनाव होने में हैं ऐसे में प्रधानमंत्री का खास फोकस इन दोनों राज्यों पर रहा। 

यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मोदी का नया मंत्रिमंडल विस्तार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में कमाल दिखा पाता है या नहीं? बहरहाल, इस नए मंत्रिमंडल विस्तार की कुछ खास बातें हैं जिन्हें जानना जरूरी है।

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पीएम की नसीहत, 'स्वागत-सत्कार बाद में करें, पहले काम सीखें'

5 Very Important Things to Know from PM Modi's Cabinet reshuffle

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए मंत्रियों को नसीहत दी है कि स्वागत-सत्कार बाद में कराएं पहले काम सीखें। मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए सदस्यों को चाय पर बुलाकर पीएम ने कामकाज सीखने का मंत्र दिया। पीएम ने कहा कि उन्होंने खुद पीएम बनने के बाद शुरुआती चार महीने तक कामकाज सीखा।

मोदी ने कहा कि नए मंत्री अभिनंदन समारोहों पर कम ध्यान दें और पहले मानसून सत्र के लिए तैयारी करें। 15 अगस्त के बाद स्वागत के लिए क्षेत्रों में जाएं। 

उन्होंने कहा कि वह चार दिनों के लिए विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तब तक सभी नए मंत्री कामकाज संभाल लें। जश्न के मौके आगे भी आएंगे। पहले कामकाज जानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में राज्यमंत्री का काम महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी मंत्रियों को मन लगाकर काम सीखना होगा।

नजर नहीं आए लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनेाहर जोशी

5 Very Important Things to Know from PM Modi's Cabinet reshuffle
पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में शामिल वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनेाहर जोशी शपथ ग्रहण समारोह में नजर नहीं आए। 

शपथ ग्रहण समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का न आना भी चर्चा का विषय रहा। हालांकि, ट्वीट कर उन्होंने सफाई पेश की कि हंगरी के विदेश मंत्री के साथ पहले से तय बैठक की वजह से वह समारोह में नहीं आ सकेंगी। 

शपथ ग्रहण से पहले मंत्रियों की उपस्थिति और उनके बैठने की व्यवस्था को देखकर ही तरक्की और छुट्टी के कयास लग रहे थे। प्रकाश जावडेकर को शपथ वाली कतार में आगे बैठा देख मीडिया ने कयास लगा लिया कि उनकी तरक्की तय है। 
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बसपा की चुनौती से निपटने के लिए पांच नए दलित मंत्री

5 Very Important Things to Know from PM Modi's Cabinet reshuffle

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने मिशन उत्तर प्रदेश की सियासत साधने की कोशिश की है। लोकसभा चुनाव में शानदार जीत का आधार बने समीकरण को कायम रखने की कोशिश के तहत उत्तर प्रदेश से तीन नए मंत्रियों में जातीय संतुलन को अहमियत दी गई है विधानसभा चुनाव में बसपा की चुनौती के मद्देनजर इस बार पांच दलित नेताओं को मंत्री पद दिया गया है। बसपा के जाटव वोट बैंक और सपा यादव वोट बैंक को ध्यान में रखकर गैर-जाटव और गैर-यादव वोट बैंक को रिझाने की कोशिश हुई है।

महाराष्ट्र के दलित नेता रामदास अठावले का दलित समुदाय पर खासा असर रहा है। उनकी पार्टी आरपीआई की उत्तर प्रदेश में भी इकाई है। वह मुखर अम्बेडकरवादी नेता हैं। इस पृष्ठभूमि के बूते वह उत्तर प्रदेश में मायावती को चुनौती दे सकते हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा उनका इस्तेमाल करेगी। बीकानेर से सांसद अर्जुन राम मेघवाल पूर्व आईएएस और कद्दावर दलित नेता हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा युवा दलित नेता हैं। महाराष्ट्र से ही सुभाष राव राम भामरे दलित नेता के अलावा कैंसर सर्जन भी हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की सांसद कृष्णा राज को दलित नेता के रूप में कैबिनेट में जगह मिली है। 

मंत्रिमंडल में दलित नेताओं को तवज्जो से उत्तर प्रदेश में मायावती की मजबूत पकड़ वाले 22 प्रतिशत दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश हुई है। सपा ने बेनी राम वर्मा को फिर से पार्टी में लेकर कुर्मी वोट बैंक को साधने की कोशिश की थी। अब अपना दल की युवा सांसद अनुप्रिया पटेल को कैबिनेट में जगह देकर मोदी-अमित शाह की जोड़ी ने सपा के लिए मुश्किलें खड़ी करने का प्रयास किया है। 

अनुप्रिया 35 साल की हैं और मोदी मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र की मंत्री हैं। कैबिनेट में उनका प्रवेश युवा और ऊर्जावान नेतृत्व को तवज्जो देने का भी संकेत है। विस्तार में उत्तर प्रदेश से दो महिला मंत्रियों को शामिल कर मोदी ने महिला वोट बैंक के लिए भी सकारात्मक संदेश दिया है। कृष्णा राज पहले भाजपा महिला सेल की महामंत्री भी रह चुकी हैं। ब्राह्मण वोट बैंक पर पकड़ बनाने की कोशिश केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के इलाके चंदौली के सांसद महेंद्र नाथ पाण्डेय को मंत्री बनाकर ब्राह्मण वोट बैंक पर डोरे डाले गए हैं। 

पाण्डेय उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल में रह चुके हैं। उनका अपनी जाति में जनाधार रहा है। विस्तार में कलराज मिश्र को मंत्री पद पर बनाए रखकर भी इस वोट बैंक को रिझाया गया है। सपा और बसपा की ओर से ब्राह्मण वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिशें हो रही थी। लिहाजा मंत्रिमंडल विस्तार में पाण्डेय को ओहदा मिला और कलराज कुर्सी पर जमे रह सके।

उत्तर प्रदेश से अब 15 मंत्री इस विस्तार के बाद उत्तर प्रदेश से अब 15 मंत्री हो गए हैं। पीएम के अलावा राजनाथ, उमा भारती, कलराज, मेनका गांधी, संतोष गंगवार, मनोज सिन्हा, संजीव बालियान, महेश शर्मा, मुख्तार अब्बास नकवी, साध्वी निरंजन ज्योति और वीके सिंह पहले से मंत्री हैं। अब तीन मंत्री और बढ़ गए हैं।

कैबिनेट विस्तार में पूर्वी उत्तर प्रदेश को खास महत्व मिला है। चंदौली से महेंद्र नाथ पाण्डेय और मिर्जापुर से अनुप्रिया को स्थान मिला है। मनोज सिन्हा पहले से मंत्री हैं। इससे पहले इसी क्षेत्र से ब्राह्मण नेता शिव प्रसाद शुक्ला को राज्यसभा में लाया गया था। उन्हें संगठन में भी अहम जगह दी जा सकती है।

वकील, डॉक्टर और पीएचडी धारक बने मंत्री

5 Very Important Things to Know from PM Modi's Cabinet reshuffle
फग्गन सिंह कुलस्ते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंगलवार को शामिल हुए मंत्रियों में छह वकील, एक कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ और एक पीएचडी धारक शामिल है। इसके अतिरिक्त चार मंत्री पोस्ट ग्रेजुएट, पांच ग्रेजुएट और दो अंडर ग्रेजुएट हैं।
 
छह वकील मंत्रियों में से पीपी चौधरी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं जबकि अन्य वकील मंत्रियों में विजय गोयल, फग्गन सिंह कुलस्ते, अर्जुन राम मेघवाल, एसएस अहलूवालिया और राजेन गोहेन शामिल हैं। विस्तार किए गए नए मंत्रिमंडल में सुभाष राम राव भामरे अकेले ऐसे मंत्री हैं जो मेडिकल क्षेत्र से संबंधित हैं। 

भामरे को कैंसर सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल है। मंत्री कृष्णा राज, अनुप्रिया सिंह पटेल, सीआर चौधरी और अनिल माधव दवे के पास पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है। जबकि एमजे अकबर, रमेश जिगाजिनागी, जसवंत सिंह भाभोर, पुरुषोत्तम रुपाला और मनसुख मंडाविया ग्रेजुएट हैं। 

नए शामिल किए गए मंत्रियों में महेंद्र नाथ पांडे एकमात्र ऐसे मंत्री हैं जिनके पास डॉक्टरेट की डिग्री है। पांडे हिंदी में पीएचडी हैं। लोकसभा और राज्यसभा वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार दो अन्य मंत्री अजय टम्टा और रामदास अठावले अंडर ग्रेजुएट हैं।

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