{"_id":"58b7e6854f1c1b7835830732","slug":"43-winners-of-brihanmumbai-municipal-corporation-bmc-elections-are-facing-criminal-cases","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएमसी चुनाव में दागियों का पलड़ा भारी, 19% गंभीर अपराधी जीते","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बीएमसी चुनाव में दागियों का पलड़ा भारी, 19% गंभीर अपराधी जीते
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
Updated Thu, 02 Mar 2017 03:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेताओं पर आपराधिक मामलों की बात कोई नई नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार बीएमसी चुनावों के सफल उम्मीदवारों में से 43 पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इससे ये बात साबित होती है कि लगभग 19 प्रतिशत विजयी उम्मीदवार आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इसमें से कुछ विजेताओं पर हत्या की कोशिश और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच जैसे एनजीओ ने बीएमसी चुनाव के 227 में से 225 विजयी उम्मीदवारों के शपथपत्र की जब जांच पड़ताल की तो उसमें ये बात सामने आई।
विज्ञापन
एनजीओ की रिपोर्ट के अनुसार शिवसेना के उमेश सुभाष मने जो वार्ड नंबर 115 से विजयी हुए हैं उनके शपथपत्र में ये दर्ज है कि उनपर हत्या की कोशिश के आरोप में इंडियन पैनल कोर्ट की धारा 307 चल रही है। इसके अलावा कुछ दूसरे विजेताओं पर भी रेप और महिला के साथ अभद्रता का केस चल रहा है।
विज्ञापन
225 विजेताओं में से जिनके शपथपत्र की जांच की गई, उनमें से शिवसेना के 22, बीजेपी के 11, मनसे के 3, कांग्रेस के 2, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, और समाजवादी पार्टी के 1-1 एमआईएम और दो निर्दलीय उम्मीदवारों पर कोर्ट में गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं।
बचे हुए 2 उम्मीदवारों के शपथपत्र की जांच नहीं हो पाई क्योंकि रिपोर्ट बनाने के समय उनके शपथपत्र उपलब्ध नहीं थे। महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच के राज्य समन्वयक शरद कुमार ने बताया कि 25 साल में पहली बार वोट का प्रतिशत बढ़ा है। इसके अलावा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की संख्या में भी कमी आई है।
उन्होंने आगे कहा कि उम्मीदवारों के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होना, मतदाताओं के लिए बहुत अच्छा है। इससे मतदाता उनकी पृष्ठभूमि के बारे जान सकते हैं और अपने वोट के अधिकार का सही तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं।
रिपोर्ट में ये बात भी बताई गई है कि बीएमसी विजेताओं में से 144 लोग करोड़पति हैं जबकि 5 विजयी उम्मीदवारों ने अपने शपथपत्र में अपनी संपत्ति 4 लाख से भी कम बताई है।
इस चुनाव में शिवसेना ने 84, बीजेपी ने 82, कांग्रेस ने 31, एनसीपी ने 9, मनसे ने 7, एमआईएम ने 3 और अखिल भारतीय सेना ने 1 सीट जीती थी। इसके अलावा 4 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए थे।