फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   4000 soldiers of CAPF become plasma donors to save lives of Corona patients

कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए सीएपीएफ के 4000 जवान बने प्लाज्मा डोनर

Mon, 06 Jul 2020 05:38 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 06 Jul 2020 05:38 AM IST
विज्ञापन
4000 soldiers of CAPF become plasma donors to save lives of Corona patients
crpf - फोटो : पीटीआई
करीब तीन महीने पहले कोरोना वायरस महामारी का केंद्र रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 31वीं बटालियन अब फरिश्ता बनकर कोरोना मरीजों की जान बचा रही है। कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो चुके बटालियन के जवान आगे आकर प्लाज्मा दान कर रहे हैं।  
विज्ञापन


सीआरपीएफ की यह बटालियन ही नहीं बल्कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के लगभग 4000 जवान प्लाज्मा डोनर बन गए हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने ऐसे जवानों की सूची तैयार की है जो जरूरत पड़ने पर प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन


आईटीबीपी दिल्ली में दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 केयर सेंटर की देखरेख कर रही है। सीआरपीएफ की 31वीं बटालियन के एक जवान ने पहले ही एक पत्रकार और दो अन्य लोगों को अपना प्लाज्मा दान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जवानों ने बताया कि शुरुआत में जब उन्हें मालूम हुआ कि वे कोरोना संक्रमित पाए गए हैं तो वे बहुत डर गए थे लेकिन अब इलाज के बाद वे प्लाज्मा दान करने के लिए तैयार हैं। हेड कांस्टेबल मंजीत सिंह ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह 15 दिन तक एक आइसोलेशन वार्ड में रहे और बाद में 15 दिन क्वारंटीन केंद्र में गुजारे।

हाल ही में उन्हें पता चला कि वह अपना प्लाज्मा दान कर अन्य कोरोना मरीजों की जान बचा सकते हैं, इसलिए उन्होंने प्लाज्मा दान किया। सीआरपीएफ के गणेश कुमार ने बताया कि प्लाज्मा के लिए फोन आने पर वह तत्काल अस्पताल गए और एक ऐसे मरीज को बचाया जो वेंटिलेटर पर था और जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था।  

फिट पाए जाने पर ही कर सकते हैं प्लाज्मा दान
हालांकि यह जरूरी नहीं है कि कोरोना से ठीक हुआ हर मरीज अपना प्लाज्मा दान कर सकता है। 31वीं बटालियन के सेकेंड इन कमांड दीपेंद्र राजपूत ने बताया कि हमने प्लाज्मा दान करने के लिए नौ जवान भेजे थे लेकिन नौ में से छह जवान प्लाज्मा दान करने के लिए फिट नहीं पाए गए। हमारी 31वीं बटालियन में 130 से अधिक मामले थे और अब हमारे पास 130 प्लाज्मा दानकर्ता हैं लेकिन ये तभी दान कर सकते हैं जब उन्हें फिट घोषित किया जाएगा।

बीएसएफ और आईटीबीपी भी कस रहे कमर
प्लाज्मा दान करने के लिए सीआरपीए के साथ ही बीएसएफ और आईटीबीपी भी कमर कस रहे हैं। बीएसएफ के डीआईजी ललित कुमार ने बताया कि वे प्लाज्मा दानकर्ताओं की सूची तैयार कर रहे हैं। इसे हम एम्स को उपलब्ध कराएंगे और जब भी जरूरत होगी जवान अस्पताल जाकर प्लाज्मा दान करेंगे।


वे सभी इसके लिए तैयार हैं। जल्द ही सूची एम्स को सौंप दी जाएगी। इसी तरह से आईटीबीपी भी दानकर्ताओं की सूची तैयार कर रहा है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय ने बताया कि हम भी अपने प्लाज्मा दानकर्ताओं की सूची के साथ तैयार हैं और हम कई संगठनों से करार करेंगे ताकि बल के जवान लोगों को अपना प्लाज्मा दान कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed