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Tourism: केंद्र ने 3,295 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को दी मंजूरी, इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का होगा उद्धार,
Fri, 29 Nov 2024 03:03 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 29 Nov 2024 03:03 AM IST
सार
देशभर के कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के उद्धार के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत 23 राज्यों में फैली 3,295 करोड़ रुपये से अधिक की 40 परियोजनाओं को केंद्र से मंजूरी दी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कदम उठाया है। इसके तहत 23 राज्यों में फैली 3,295 करोड़ रुपये से अधिक की 40 परियोजनाओं को केंद्र से मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कम प्रसिद्ध स्थलों को प्रतिष्ठित स्थलों के रूप में विकसित करना और देश भर में पर्यटकों के अधिक संतुलित वितरण को बढ़ावा देना है।
व्यय विभाग ने दी जानकारी
व्यय विभाग के निर्देशों के अनुसार, पर्यटन मंत्रालय ने प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) के लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारों को एसएएससीआई दिशानिर्देश प्रसारित किए हैं और उनसे मंत्रालय को परियोजना प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है, जो प्रकृति में प्रतिष्ठित हैं और प्रभावशाली गंतव्य बना सकते हैं।
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मंत्रालय के अधिकारी ने दी जानकारी
इस मामले में मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2024 तक, 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 87 परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद पर्यटन मंत्रालय ने दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया या मानदंडों के अनुसार 23 राज्यों में 3295.76 करोड़ रुपये की लागत से 40 परियोजनाओं को चुना, जिन्हें अब व्यय विभाग ने मंजूरी दे दी है।
ये स्थल है शामिल
बात अगर चयनित स्थलों की करें तो इनमें रंग घर, शिवसागर (असम), मत्स्यगंधा झील, सहरसा (बिहार), प्रस्तावित टाउन स्क्वायर, पोरवोरिम (गोवा) और ओरछा (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों को व्यापक रूप से विकसित करने और वैश्विक स्तर पर उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने के लिए राज्यों को 50 साल की अवधि के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करना है।
परियोजनाओं के रूप में पूंजी निवेश को बढ़ावा
परियोजनाओं के रूप में पूंजी निवेश को बढ़ावा देकर इस योजना में स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास और स्थायी पर्यटन परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसरों के सृजन की परिकल्पना की गई है। मंत्रालय ने कहा, "इस पहल का उद्देश्य उच्च यातायात स्थलों पर दबाव को कम करना और देश भर में पर्यटकों के अधिक संतुलित वितरण को बढ़ावा देना है।
इसके साथ ही कम ज्ञात स्थलों पर ध्यान केंद्रित करके, मंत्रालय समग्र पर्यटन अनुभव को बढ़ाने, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने और नई परियोजना चयन के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण के माध्यम से इस क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित करने की उम्मीद करता है।" राज्यों को परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया गया है, जबकि धनराशि मार्च 2026 से पहले जारी की जाएगी
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व्यय विभाग ने दी जानकारी
व्यय विभाग के निर्देशों के अनुसार, पर्यटन मंत्रालय ने प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) के लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं।
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उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारों को एसएएससीआई दिशानिर्देश प्रसारित किए हैं और उनसे मंत्रालय को परियोजना प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है, जो प्रकृति में प्रतिष्ठित हैं और प्रभावशाली गंतव्य बना सकते हैं।
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मंत्रालय के अधिकारी ने दी जानकारी
इस मामले में मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2024 तक, 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 87 परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद पर्यटन मंत्रालय ने दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया या मानदंडों के अनुसार 23 राज्यों में 3295.76 करोड़ रुपये की लागत से 40 परियोजनाओं को चुना, जिन्हें अब व्यय विभाग ने मंजूरी दे दी है।
ये स्थल है शामिल
बात अगर चयनित स्थलों की करें तो इनमें रंग घर, शिवसागर (असम), मत्स्यगंधा झील, सहरसा (बिहार), प्रस्तावित टाउन स्क्वायर, पोरवोरिम (गोवा) और ओरछा (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों को व्यापक रूप से विकसित करने और वैश्विक स्तर पर उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने के लिए राज्यों को 50 साल की अवधि के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करना है।
परियोजनाओं के रूप में पूंजी निवेश को बढ़ावा
परियोजनाओं के रूप में पूंजी निवेश को बढ़ावा देकर इस योजना में स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास और स्थायी पर्यटन परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसरों के सृजन की परिकल्पना की गई है। मंत्रालय ने कहा, "इस पहल का उद्देश्य उच्च यातायात स्थलों पर दबाव को कम करना और देश भर में पर्यटकों के अधिक संतुलित वितरण को बढ़ावा देना है।
इसके साथ ही कम ज्ञात स्थलों पर ध्यान केंद्रित करके, मंत्रालय समग्र पर्यटन अनुभव को बढ़ाने, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने और नई परियोजना चयन के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण के माध्यम से इस क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित करने की उम्मीद करता है।" राज्यों को परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया गया है, जबकि धनराशि मार्च 2026 से पहले जारी की जाएगी