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37 मॉडर्न एयरफील्ड बढ़ाएंगे सेना की ताकत, रक्षामंत्री ने 1200 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी
Fri, 08 May 2020 10:33 PM IST
मुकेश कुमार झा
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Fri, 08 May 2020 10:33 PM IST
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भारतीय सेना
- फोटो : PTI
भारतीय सेनाओं के लिए 37 मॉडर्न एयरफील्ड तैयार करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को 12 सौ करोड़ रुपये की मॉड्रनाइजेशन ऑफ एयरफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर योजना को मंजूरी दे दी है।
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इसका सीधा फायदा वायु सेना, नौसेना और तटरक्षक बल को मिलेगा। साथ ही एयरफील्ड के चारों तरफ लगे आधुनिक उपकरण सीधे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से जुड़े रहेंगे। इससे एटीसी को भी एयरफील्ड की मॉडर्न एवं उत्कृष्ट नियंत्रण प्रणाली का फायदा मिलेगा। मॉडर्न एयर फील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का कांटेक्ट टाटा पावर एसईडी को दिया गया है।
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रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मॉड्रनाइजेशन ऑफ एयरफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर (एमएएफआई-2), एमएएफआई-1 योजना का अगला कदम है।बता दें कि एमएएफआई-1 के तहत भारतीय वायुसेना के 30 हवाई क्षेत्रों का आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट शुरु किया गया था।
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अब इन्हें भी एमएएफआई-2 में शामिल किया गया है। एमएएफआई-1 के तहत आधुनिकीकरण किए गए हवाई क्षेत्रों का 'सैन्य' और 'नागरिक' दोनों उपयोगकर्ताओं को बड़ा फायदा हुआ है। एमएएफआई-2 एक ऐसी योजना है, जिसमें आधुनिक एयरफील्ड उपकरण जैसे कैट-II इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और कैट II एयर फील्ड लाइटिंग सिस्टम (एएफएलएस) आदि की स्थापना और कमीशनिंग दोनों शामिल हैं।एयरफील्ड के आसपास जितने भी आधुनिक उपकरण लगेंगे, उनका सीधा जुड़ाव एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ होगा।
इस सिस्टम की मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, एयरफील्ड सिस्टम पर उत्कृष्ट नियंत्रण रख सकेंगे।इस परियोजना के तहत जो बेहतर नेविगेशन प्रणाली काम करेगी, उसके चलते खराब मौसम में भारतीय वायु सेना के ऑपरेशन या नागरिक विमानों के सुरक्षित संचालन में मदद मिलेगी। कई बार खासतौर पर वायुसेना को मौसम खराब होने या द्रश्यता का स्तर कम होने के कारण अपने ऑपरेशन टालने पड़ते थे।
दूसरा, प्रतिकूल मौसम की स्थिति में नागरिक विमानों के हवाई संचालन में भी बाधा पहुंचती थी।अब वे सब दिक्कतें काफी हद तक दूर हो जाएंगी। मौजूदा अनुबंध से भारतीय उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।एमएएफआई-2 के जरिए 250 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा।ये सब इस परियोजना की विभिन्न गतिविधियों के निष्पादन कार्य में शामिल होंगे।
इसके अलावा यह अनुबंध बाजार में आवश्यक पूंजी का प्रवाह जारी करने में मदद करेगा।साथ ही इसकी मदद से संचार, हवाईजहाज संबंधित क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे नागरिक और बिजली के उपकरणों के निर्माण में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।