देशभर में सामान्य के मुकाबले 33 फीसदी कम हुई बारिश, मुंबई में बनी आफत
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मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है, इसके चलते अगले कुछ दिनों में ओडिशा, राजस्थान के कुछ हिस्सों समेत मध्य भारत में अच्छी बारिश हो सकती है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे उत्तर भारत के राज्यों में इसका कोई फायदा नहीं होगा और इन राज्यों में इसकी वजह से बारिश होने की संभावना नहीं है।
जून महीने में सबसे कम बारिश पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत में हुई। इन हिस्सों में 1 जून से अब तक बारिश में कमी का आंकड़ा सबसे ज्यादा 37 फीसदी रहा। उत्तर-पश्चिम भारत दूसरे स्थान पर रहा, जहां सामान्य से 32 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई। मध्य भारत में 31 फीसदी और दक्षिणी राज्यों में 30 फीसदी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई।
हालांकि निजी मौसम विज्ञान की कंपनी स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह का कहना है कि 30 जून से 15 जुलाई के बीच मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा। उनके अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र से ओडिशा, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना के उत्तरी हिसों, दक्षिण मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणपश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश हो सकती है।
देश में आधिकारिक तौर पर मॉनसून सीजन एक जून से शुरू होकर 30 सितंबर को खत्म होता है। उत्तर भारत के कई हिस्सों को छोड़कर मानसून आमतौर पर पूरे देश में पहुंच चुका है। दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अभी यह नहीं पहुंचा है।
मुंबई में भारी बारिश का पूर्वानुमान
मुंबई में तीन से पांच जुलाई के बीच बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका है। अनुमान है कि इस दौरान महानगर और आसपास के इलाकों में 1 दिन में 200 मिलीमीटर या उससे भी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है। जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। मुंबई में जैसी बारिश जून के आखिर में हुई है, जुलाई की शुरुआत कुछ उसी तरह पर होने की संभावना है।