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रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर 13 अक्टूबर से सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Tue, 03 Oct 2017 03:52 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला Updated Tue, 03 Oct 2017 03:52 PM IST
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3-judge bench of Supreme Court, hear petitions challenging Centre decision to Rohingyas

रोहिंग्या शरणार्थियों पर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 13 अक्तूबर से सुनवाई शुरू करेगा। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। 

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गौरतलब है कि इससे पहले रोहिंग्या मुसलमानों पर केंद्र ने 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के जरिए अपना पक्ष रखा था। केंद्र ने कहा था कि करीब 40 हजार रोहिंग्याओं ने भारत में घुसपैठ की है, जिन्हें संवैधानिक दर्जा नहीं दिया जा सकता। केंद्र ने ये भी कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों का भारत में रहना गैर कानूनी है। केंद्र सरकार को आंशका है कि इनमें से कुछ लोग आतंकवादी संगठनों के संपर्क में भी हैं।
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केंद्र ने सर्वोच्च अदालत में बताया था कि कई रोहिंग्या मुसलमान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और आतंकवादियों के लिंक में हैं। ऐसे में उनका देश में रहना हमारे लिए एक बड़ा खतरा हो सकते है। केंद्र ने करीब 16 पन्नों का हलफनामा कोर्ट के सामने पेश किया था। 


वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुस्लिमों के मामले में कहा था कि भारत किसी भी अतंरराष्ट्रीय कानून का उल्लघंन नहीं कर रहा है। भारत ने 1951 के यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन में रिफ्यूजियों के लिए किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया था। 
 
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि रोहिंग्या का अवैध आना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहुत बड़ा खतरा है। इसलिए देश उन्हें किसी भी हालत में शरण नहीं दे सकता है।

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