{"_id":"5d75d21d8ebc3e0149508997","slug":"27-year-old-tribal-woman-from-malkangiri-become-first-tribal-from-state-to-become-commercial-pilot","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडिशा की आदिवासी लड़की ने बनाया कीर्तिमान, बनी पहली कमर्शियल पायलट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ओडिशा की आदिवासी लड़की ने बनाया कीर्तिमान, बनी पहली कमर्शियल पायलट
Mon, 09 Sep 2019 09:51 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 09 Sep 2019 09:51 AM IST
विज्ञापन
मधुमिता अनुप्रिया लाकड़ा (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओडिशा के माओवादी प्रभावित मल्कानगिरी जिले की रहने वाली एक लड़की ने ऐसा काम किया है जिससे भविष्य में कई लड़कियों को प्रेरणा मिलेगी। 27 साल की यह आदिवासी लड़की व्यावसायिक विमान उड़ाने वाली राज्य की पहली महिला बन गई है। इस लड़की का नाम अनुप्रिया मधुमिता लाकड़ा है जो मल्कानगिरी जिले के पुलिस कांस्टेबल की बेटी है। उसका बचपन से पायलट बनने का सपना था। जो इस महीने इंडिगों एयरलाइंस में बतौर को-पायलट के तौर पर शामिल होने से पूरा हो गया।
विज्ञापन
मल्कानगिरी के पुलिस कांस्टेबल मरीनियास लाकड़ा और मां जिमाज यास्मीन लाकड़ा ने बेटी की इस उपलब्धि पर कहा कि उसने ना केवल अपने परिवार को बल्कि पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। मधुमिता के पिता ने कहा, 'मेरे लिए उसकी पायलट ट्रेनिंग का खर्च वहन करना काफी मुश्किल था। मैंने कर्ज लिया और रिश्तेदारों से भी मदद मांगी। मैंने हमेशा इस बात को सुनिश्चित किया कि मेरी बेटी को उसी क्षेत्र में शिक्षा मिले जिसमें वह चाहती है।'
विज्ञापन
मां यास्मीन ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मैंने और मेरे पति ने कभी भी बेटी को बड़े सपने देखने से नहीं रोका। उन्होंने कहा, 'हमें खुशी है कि वह जो बनने के सपने देखती थी वह बन गई है। मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। मैं सभी माता-पिता से अनुरोध करता हूं कि वह अपनी बेटियों का साथ दें।' अनुप्रिया का पूरा परिवार मल्कानगिरी में एक जीर्ण-शीर्ण घर में रहता है। उनका एक भाई भी है।
विज्ञापन
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लाकड़ा की उपलब्धि पर उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैं उसकी उपलब्धि से खुश हूं। वह कई लड़कियों के लिए रोल मॉडल बनेगी।' आदिवासी नेता और ओडिशा आदिवासी कल्याण महासंघ अध्यक्ष निरंजन बिसी ने कहा कि लाकड़ा न केवल ओराओं आदिवासी समुदाय की पहली लड़की है बल्कि ओडिशा की भी है।
बिसी ने कहा, 'ऐसा जिला जहां अभी तक रेलवे लाइन नहीं पहुंची है वहां के आदिवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि एक स्थानीय महिला अब विमान उड़ाएगी।' मल्कानगिरी में पली बढ़ी अनुप्रिया ने दसवीं तक की पढ़ाई जिले से ही की। 12वीं की शिक्षा पड़ोस के कोरापुट से ली। इसके बाद भुवनेश्वर में सरकार द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई को पायलट बनने के सपने के लिए बीच में ही छोड़ दिया। फिर उन्होंने भुवनेश्वर के गवर्नमेंट एविएशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया और अपना सपना पूरा किया।