Newsclick: राष्ट्रपति-CJI से 255 हस्तियों ने की न्यूजक्लिक पर कार्रवाई की मांग, पढ़िए क्या बोले पूर्व रॉ चीफ
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में 14 पूर्व जज, 112 पूर्व नौकरशाह और 129 पूर्व सैन्यकर्मी शामिल हैं। इसमें तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के श्रीधर राव, पूर्व गृह सचिव एलसी गोयल, पूर्व रॉ प्रमुख संजीव त्रिपाठी, एनआईए के पूर्व निदेशक योगेश चंदर मोदी समेत अन्य नाम शामिल हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व न्यायाधीशों और राजदूतों सहित 250 से अधिक प्रमुख हस्तियों ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर ऑनलाइन न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया जा रहा है कि इस पोर्टल ने चीन की तरफ से दुष्प्रचार के लिए अमेरिकी अरबपति नेवल रॉय सिंघम से गैरकानूनी तरह से धन प्राप्त किया।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों का कहना है कि गोपनीय ढंग से चीन की तरफ से वित्त पोषित स्वतंत्र प्रेस ने हमारे लोकतंत्र को चुनौती देने का काम किया है। पत्र में कहा गया है, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि भारत विरोधी साजिश की गहराई से जांच के लिए तुरंत केंद्र सरकार को व्यापक स्तर पर जांच शुरू करने का निर्देश दें और इस तरह इन देश-विरोधी एजेंटों को न्याय के कठघरे में लाएं। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में 14 पूर्व जज, 112 पूर्व नौकरशाह और 129 पूर्व सैन्यकर्मी शामिल हैं। इसमें तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के श्रीधर राव, पूर्व गृह सचिव एलसी गोयल, पूर्व रॉ प्रमुख संजीव त्रिपाठी, एनआईए के पूर्व निदेशक योगेश चंदर मोदी समेत अन्य नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था और भाजपा की तरफ से यह मुद्दा सदन में भी उठाया गया था।
राफेल सौदे पर कवरेज संयोग नहीं
पत्र में कहा गया है, अब यह बात स्पष्ट है कि राफेल सौदे पर न्यूजक्लिक की कवरेज और विपक्षी दलों की तरफ उठाए गए एजेंडे में पूरी तरह समानता होना कोई संयोग नहीं था, बल्कि एक साजिश के तहत ऐसा हो रहा था। इसमें आगे कहा गया है, एक सवाल अनिवार्य तौर पर उठता है कि क्या हमें ऐसे तत्वों पर अंकुश नहीं लगाना चाहिए जो गलत सूचना फैला रहे हैं।