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असम में भाजपा के शासन में आने के बाद राजद्रोह के 251 मामले दर्ज किये गए
Mon, 04 Feb 2019 01:57 PM IST
अनिल पांडेय
भाषा, गुवाहाटी
भाषा, गुवाहाटी
Published by: अनिल पांडेय
Updated Mon, 04 Feb 2019 01:57 PM IST
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संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी
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असम में 2016 में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से अब तक राजद्रोह के कुल 251 मामले दर्ज किये गये हैं। सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी गई। संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने एक लिखित जवाब में बताया कि 26 मई 2016 को मौजूदा सरकार के कामकाज संभालने के बाद से कई व्यक्तियों और प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ 251 मामले दर्ज किये गए हैं।
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कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया के सवाल के जवाब में पटवारी ने कहा उल्फा(आई), एनडीएफबी(एस), एनडीएफबी (बी), केएलओ समेत कई अन्य चरमपंथी संगठनों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के कहने पर कई व्यक्तियों के खिलाफ भी ऐसे ही मामले दर्ज किये गए हैं।
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आरटीआई कार्यकर्ता और किसान नेता अखिल गोगोई के खिलाफ भी डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी शहर में दो मामले दर्ज किये गए हैं। गोगोई के अलावा प्रसिद्ध बुद्धिजीवी और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हिरेन गोगोई और पत्रकार मंजीत महंत के खिलाफ भी नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर विवादित बयान देने के लिये बीते महीने राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था।
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