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रिपोर्ट : पिछले साल रोजगार पर रहा कोरोना का असर, 24 फीसदी कम रही नई नौकरियां
Wed, 26 May 2021 08:38 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 26 May 2021 08:38 AM IST
सार
2019-20 के 1.51 करोड़ के मुकाबले 2020-21 में ईएसआईसी से जुड़े 1.14 करोड़ नए कर्मचारी, अप्रैल-मई में घटा पर उसके बाद बढ़ा आंकड़ा
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
विस्तार
कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले साल लगे देशव्यापी लॉकडाउन का असर संगठित क्षेत्र में रोजगार के मोर्चे पर भी दिखाई दिया। पिछले साल कंपनियों ने नए कर्मचारियों को रखने में कंजूसी बरती। इसके चलते कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़ने वाले नए कर्मचारियों की संख्या में पिछले वित्त वर्ष के दौरान करीब 24 फीसदी की कमी दिखाई दी।
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या में करीब 1.15 करोड़ रही, जबकि 2019-20 में 1.51 करोड़ सदस्य जोड़े गए थे।
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हालांकि लॉकडाउन के बाद के महीनों में रोजगार के आंकड़े में सुधार दिखाई दिया। विभागीय डाटा के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में 2.63 लाख और मई में 4.89 लाख ही सदस्य जुड़े, लेकिन लॉकडाउन हटने की शुरुआत होते ही जून में 8.87 लाख, जुलाई में 7.63 लाख, अगस्त में 9.5 लाख, सितंबर में 11.58 लाख और अक्तूबर में यह आंकड़ा बढकर 12.13 लाख पर पहुंच गया।
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नवंबर में फिर से नए जुड़ने वाले कर्मचारी घटकर 9.58 लाख हो गए, लेकिन दिसंबर में 12.33 लाख, जनवरी में 11.84 लाख, फरवरी में 11.77 लाख और मार्च में 12.24 लाख नए कर्मचारियों ने ईएसआईसी की सदस्यता ली।
2017 से 2021 के बीच जुड़े हैं 5 करोड़ कर्मचारी
‘पेरोल रिपोर्टिंग इन इंडिया : एन एंप्लॉयमेंट पर्सपेक्टिव- मार्च 2021’ के नाम वाली एनएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में 1.49 करोड़ नए कर्मचारियों को ईएसआईसी का साथ मिला, जबकि सितंबर, 2017 से मार्च, 2018 के बीच 83.35 लाख ने इसकी सदस्यता ली।
सितंबर, 2017 से मार्च 2021 के बीच सकल नए पंजीकरण का आंकड़ा करीब 5 करोड़ रहा है। रिपोर्ट में में कहा गया है कि सितंबर, 2017 से मार्च, 2021 के बीच करीब 4.2 करोड़ कर्मचारियों ने ईपीएफओ की सदस्यता ली।