फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   22 year old woman gave birth to girl child in Shramik train to Prayagraj in Uttar Pradesh from Surat

22 साल की महिला ने श्रमिक ट्रेन में दिया बच्ची को जन्म, साथी यात्रियों ने कराई डिलीवरी

Sat, 23 May 2020 09:30 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 23 May 2020 09:30 AM IST
विज्ञापन
22 year old woman gave birth to girl child in Shramik train to Prayagraj in Uttar Pradesh from Surat
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

22 साल की एक महिला ने शुक्रवार को श्रमिक ट्रेन में एक बच्ची को जन्म दिया है। महिला लॉकडाउन के दौरान अपने परिवार के साथ सूरत से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रही थी। बच्ची की डिलीवरी ट्रेन में मौजूद एक अस्पताल कर्मी ने करवाई। बुधवार को 27 साल के नसीम खान अपनी पत्नी सबेरा बानू और छोटे भाई अयूब खान के साथ सूरत से स्पेशल ट्रेन में सवार हुए थे।

विज्ञापन

नसीम सूरत के पंडेसराय जीआईडीसी क्षेत्र में स्थित एक डाइंग और प्रिंटिग मिल में काम करते थे। सबेरा और नसीम उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले कुछ सालों से सूरत में रह रहे थे। लॉकडाउन लागू होने के बाद उनके पास पैसों की कमी हो गई और सबेरा के गर्भवती होने के बावजूद उन्होंने घर जाने का फैसला लिया। 
विज्ञापन



नसीम खान ने कहा, ‘मैं अपनी पत्नी की डिलीवरी सूरत में नहीं कराना चाहता था क्योंकि वहां कोरोना वायरस के बहुत सारे मामले हैं। हमें लगा था कि डिलीवरी में अभी पांच और दिन लगेंगे इसलिए हमने वापस जाने का फैसला लिया। मैंने अपने माता-पिता को पत्नी के गर्भवती होने के बारे में बताया और उन्होंने चित्रकूट के अस्पताल से संपर्क करके उसका नाम पंजीकृत करा लिया था। मां की हालत ठीक है लेकिन बच्ची का तापमान थोड़ा बढ़ा हुआ है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

 
महाराष्ट्र में भुसावल रेलवे स्टेशन को पार करने के बाद, गुरुवार की दोपहर को सबेरा को प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद अन्य यात्री अनीता शर्मा जो सोनभद्र जिले के प्रसूति विभाग में असिसटेंट के तौर पर काम करती हैं उन्होंने दो अन्य यात्रियों के साथ डिलीवरी में मदद की। ट्रेन के ड्राइवर को जब डिलीवरी का पता चला तो उसने हरदा स्टेशन पर गाड़ी रोक दी।

नसीम खान और अन्य यात्रियों ने स्टेशन मास्टर से मदद मांगी। जिन्होंने बताया कि चूंकी यह आधिकारिक स्टॉपेज नहीं है इसलिए कोई सुविधा नहीं मिल सकती है। मध्यप्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन पर डॉक्टरों की एक टीम को अलर्ट किया गया। गुरुवार को यहां ट्रेन पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां-बेटी का परीक्षण किया और कुछ दवाइयां दी।


अनीता लॉकडाउन की वजह से अपने रिश्तेदार के घर फंस गई थी। उन्होंने कहा, 'मैंने दो और महिलाओं की मदद ली। मैं पिछले 20 सालों से अस्पताल में काम कर रही हूं इसलिए मुझे पता था कि डिलीवरी कैसे कराई जाती है। मुझे खुशी है कि मेरी जानकारी किसी के काम आई।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed