{"_id":"5f40c9138ebc3e61e11f8f1d","slug":"2173-people-died-till-now-since-independent-india-due-to-air-crashes-in-india-air-crashes-till-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजाद भारत से अब तक हवाई हादसों में 2,173 लोगों की मौत, ज्यादातर कारण पायलट की गलती","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आजाद भारत से अब तक हवाई हादसों में 2,173 लोगों की मौत, ज्यादातर कारण पायलट की गलती
Sat, 22 Aug 2020 12:58 PM IST
Tanuja Yadav
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 22 Aug 2020 12:58 PM IST
विज्ञापन
Kerala plane crash
- फोटो : पीटीआई
केरल के कोझिकोड हवाई अड्डे पर सात अगस्त को एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान के हादसे में दो पायलट समेत 18 लोगों की जान गई थी। इस विमान में 190 यात्री सवार थे। इस हादसे के बाद आजाद भारत से अब तक कमर्शियल विमान हादसों में कुल 2,173 लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन
इन कुल मौतों में से 80 फीसदी मौतें पायलट की गलतियों की वजह से हुई। इसमें पायलट के एक्शन और फैसले दोनों शामिल हो सकते हैं, जिसकी वजह से विमान का हादसा हुआ। ये आंकड़ा एविएशन सेफ्टी नेटवर्क की ओर से जारी डाटा की मदद से बनाया गया है।
विज्ञापन
एविएशन सेफ्टी नेटवर्क एक निजी कंपनी है जो हवाई हादसों, हाइजैकिंग और घटनाओं की जानकारी रखती है। इस विश्लेषण में सिर्फ पैसेंजर उड़ानें और उन हादसों को लिया गया है, जिसमें कम से कम एक यात्री और एक पायलट की मौत हुई हो। इस विश्लेषण में चार्टर्ड उड़ानें, प्रशिक्षित उड़ानें, कार्गो उड़ानें और बिना यात्री वाली उड़ानों को शामिल नहीं किया गया है।
विज्ञापन
कोझिकोड हवाई अड्डे पर हुआ विमान हादसा आजाद भारत के बाद से लेकर अबतक 52वां कमर्शियल हादसा था। इसके अलावा भी 100 से ज्यादा कमर्शियल उड़ानों में हादसे हुए लेकिन उनमें किसी जान नहीं गई। इन 52 हादसों में 40 भारत और 12 विदेशी एयरलाइनर्स शामिल हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के डाटा के अनुसार 1995-96 से लेकर 2019-20 तक हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या में नौ गुना बढ़ोतरी हुई है। हालांकि समय के साथ दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या पहले से काफी कम हुई है। 2011-2020 का समय हवाई हादसों को लेकर आजाद भारत का सबसे सुरक्षित समय माना जाता है।
इस दशक में सिर्फ कोझिकोड हवाई अड्डे पर किसी यात्री विमान का हादसा हुआ। इससे पहले दशक यानि कि 2001-2010 तक भी केवल एक हादसा हुआ था। मई 2010 में एक एयर इंडिया एक्सप्रेस का मंगलौर के हवाई अड्डे पर हादसा हुआ था, जिसमें 158 लोगों की मौत हुई थी।
समय के साथ एयरक्राफ्ट तकनीकी में काफी बदलाव आया है। 1951 से लेकर 1980 तक यानि कि 30 सालों में कुल 34 घातक हवाई हादसे हुए, जिसमें से 20 या 59 फीसदी हादसे पायलट की गलतियों की वजह से हुए। उसके अगले 30 साल यानि कि 1981-2010 तक कुल 13 घातक हवाई हादसे हुए, जिनमें से 12 या 92 फीसदी हादसे पायलट की गलतियों की वजह से हुए।
हादसों में हुई मृत्यु की बात करें तो 1951-1980 तक 68 फीसदी यानि कि 1,057 लोगों की मौत हुई, जिसमें पायलट की गलती बताई जाती है। इसके अलावा 1981-2010 तक पायलट की गलती की वजह से 99 फीसदी या 997 मृत्यु हुई। भारत की बात करें तो कुल 2,173 मौतों में से 1,740 मौतें पायलट की गलती के कारण हुईं।