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IMD: 1901 के बाद 2024 भारत का सबसे गर्म साल, आईएमडी ने दी जानकारी; जानें नए साल में कैसा रहेगा मौसम
Wed, 01 Jan 2025 06:12 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 01 Jan 2025 06:12 PM IST
सार
आईएमडी ने बताया कि जनवरी से मार्च के दौरान उत्तर भारत में बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है। मध्य भारत के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में जनवरी में सामान्य से अधिक शीत लहर वाले दिनों का अनुभव करने का अनुमान लगाया गया है।
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- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
1901 के बाद से साल 2024 अब तक का सबसे गरम साल रहा है। इस दौरान औसत न्यूनतम तापमान लंबी अवधि के औसत से 0.90 डिग्री अधिक रहा। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में इसकी जानकारी दी। साल 2024 को अब 2016 को पीछे छोड़कर 1901 के बाद से सबसे गर्म वर्ष के रूप में दर्ज किया गया है। इस वर्ष भूमि की सतह का तापमान 0.54 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया था।
आईएमडी ने नए साल में मौसम का पूर्वानुमान बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार को पूर्वी, पश्चिमोत्तर, और पश्चिम-मध्य राज्यों के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। मध्य भारत के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में जनवरी में सामान्य से अधिक शीत लहर वाले दिनों का अनुभव करने का अनुमान लगाया गया है।
आईएमडी ने बताया कि जनवरी से मार्च के दौरान उत्तर भारत में बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में सर्दियों (अक्टूबर से दिसंबर) के समय गेहूं, मटर, चना और जौ समेत रबी की फसलें उगाई जाती है। गर्मियों (अप्रैल से जून) में इन फसलों को काटा जाता है।
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यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस के अनुसार, साल 2024 का तापमान 1850 से 1900 की तुलना में डेढ़ डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। जलवायु वैज्ञानिकों के दो समूहों वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन और क्लाइमेट सेंट्रल की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया ने 2024 में 41 दिन खतरनाम गर्मी का अनुभव किया।
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आईएमडी ने नए साल में मौसम का पूर्वानुमान बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार को पूर्वी, पश्चिमोत्तर, और पश्चिम-मध्य राज्यों के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। मध्य भारत के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में जनवरी में सामान्य से अधिक शीत लहर वाले दिनों का अनुभव करने का अनुमान लगाया गया है।
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आईएमडी ने बताया कि जनवरी से मार्च के दौरान उत्तर भारत में बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में सर्दियों (अक्टूबर से दिसंबर) के समय गेहूं, मटर, चना और जौ समेत रबी की फसलें उगाई जाती है। गर्मियों (अप्रैल से जून) में इन फसलों को काटा जाता है।
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यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस के अनुसार, साल 2024 का तापमान 1850 से 1900 की तुलना में डेढ़ डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। जलवायु वैज्ञानिकों के दो समूहों वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन और क्लाइमेट सेंट्रल की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया ने 2024 में 41 दिन खतरनाम गर्मी का अनुभव किया।