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2019 में भाजपा को होगा 80 सीटों का नुकसान, महागठबंधन बना तो त्रिशंकु सरकार: सर्वे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 19 Aug 2018 06:39 AM IST
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अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल गठबंधन कर लें तो एनडीए को कड़ी चुनौती मिल सकती है। जबकि 2014 की तरह भाजपा 2019 में अकेले दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकेगी। इसके साथ ही अगर एनडीए के खिलाफ महागठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगा तो त्रिशंकु लोकसभा के भी आसार हैं। कार्वी इनसाइट्स-इंडिया टुडे के एक सर्वे में ये बातें सामने आई हैं।
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लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा,कांग्रेस समेत अन्य दल चुनावी जंग में उतरने के लिए लगभग तैयार हैं ऐसे में इस सर्वे ने देश की जनता के मूड को बयां कर दिया है। सर्वे में 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहतर विकल्प से लेकर किस दल को कितनी सीट और गठबंधन जैसे विषयों पर सवाल किए गए थे। जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
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2019 में मोदी का बेहतर विकल्प कौन?
सर्वे में 46 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को मोदी का बेहतर विकल्प बताया है। जबकि ममता बनर्जी को 8 फीसदी तो वहीं अखिलेश यादव को 4 फीसदी लोगों ने मोदी का विकल्प माना है।
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प्रधानमंत्री की पसंद?
सर्वे में यह भी पूछा गया कि 2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में से कौन बेहतर है। 49 फीसदी लोगों ने मोदी को तो वहीं 27 फीसदी लोगों ने राहुल को इस पद के लिए बेहतर करार दिया।
अभी चुनाव हुए तो किसे कितने वोट?
सर्वे में पूछा गया कि अगर अभी चुनाव करवा दिए जाएं तो किस दल को कितने प्रतिशत वोट हासिल होंगे। सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 36 फीसदी, यूपीए को 31 फीसदी तो अन्य को 33 फीसदी वोट हासिल होंगे। यानि कि एनडीए को 281, यूपीए को 122 तो अन्य को कुल 140 सीटों पर जीत हासिल होगी। इसका मतलब है कि भाजपा को 80 सीटों का नुकसान हो सकता है।
10 महीने बाद चुनाव होते हैं तो?
सर्वे के मुताबिक, अगर 10 महीने बाद चुनाव होते हैं और कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर 2019 की चुनावी जंग में उतरती है तो यूपीए को लोकसभा की कुल 543 सीटों में से कुल 242 सीटों पर जीत हासिल होगी जिसमें कांग्रेस द्वारा जीती गईं सीटों की संख्यां 97 होगी।
वहीं अगर एनडीए, एआईएडीएमके और वाईएसआर कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी तो इस गठबंधन को कुल 255 सीटें मिलेंगी जिसमें भाजपा द्वारा जीती गईं सीटों की संख्यां 196 होगी। जबकि अन्य दलों को कुल 46 सीटों पर जीत हासिल होगी।