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कारगिल की जीत भारत की ताकत, दृढ़ संकल्प और क्षमता का प्रतीक थी: मोदी

Sat, 27 Jul 2019 09:37 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Sat, 27 Jul 2019 09:37 PM IST
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20 years of Kargil vijay diwas PM Modi reaches for special program
पीएम मोदी और राजनाथ सिंह - फोटो : ANI
कारगिल विजय के 20 साल पूरे होने के अवसर पर शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में खास कार्यक्रम हुआ। विशेष समारोह के लिए पीएम नरेंद्र मोदी यहां पहुंचे और लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने यहां कारगिल के शहीदों से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।  
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पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि करगिल विजय भारत के पराक्रम का प्रतीक थी और देश के प्रति सशस्त्र बलों की समर्पण भावना के साथ राष्ट्र की सुरक्षा अभेद्य रहेगी। कारगिल युद्ध के 20 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को फैलाने के लिए छद्म युद्ध का सहारा ले रहे हैं।
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मोदी ने दिल्ली में कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैन्यकर्मियों और भूतपूर्व सैनिकों की मौजूदगी में कहा कि कारगिल की जीत भारत के पराक्रम, दृढ़ संकल्प और क्षमता का प्रतीक थी। उन्होंने कहा कि युद्ध सरकारों द्वारा नहीं बल्कि पूरे देश द्वारा लड़े जाते हैं, कारगिल की जीत आज भी पूरे देश को प्रेरणा देती है, कारगिल हर भारतीय की जीत थी। 
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इस दौरान कारगिल युद्ध में शहीद लांसनायक बचन सिंह के पुत्र लेफ्टिनेंट हितेश और उनकी मां कमलेश बाला भी यहां मौजूद थे। ले. हितेश ने उसी बटालियन को ज्वाइन किया है जिसमें उनके पिता शामिल थे। 
 


 

पीएम मोदी ने क्या क्या कहा

  • -कारगिल में हमारे शहीदों ने जो किया वो हमारी पीढ़ियों को प्रभावित करती रहेगी। कारगिल की विजयगाथा प्रेरित करती रहेगी। कारगिल के सभी शूरवीरों को नमन।
  • - कारगिल में विजय भारत के वीर बेटे-बेटियों के अजेय पराक्रम की जीत थी। भारत के सामर्थ्य और संयम की जीत थी। भारत की मर्यादा और अनुशासन की जीत थी।
  • -कारगिल में विजय हर देशवासी की उम्मीदों और कर्तव्यपरायणता की जीत थी। युद्ध सरकारें नहीं लड़ती, युद्ध पूरा देश लड़ता है। 
 
  • -शपथ लेने के कुछ दिनों बाद कारगिल जाने का मौका मिला था। मैं 20 साल पहले कारगिल तब भी गया था जब युद्ध चरम पर था। दुश्मन ऊपर बैठकर खेल खेल रहा था। मौत सामने थी फिर भी हमारा जवान तिरंगा लेकर घाटी पर पहुंचना चाहता था। 
  • -एक साधारण नागरिक के नाते मैंने अपने सैनिकों को उस मिट्टी में जाकर नमन किया था।
  • -वन रैंक वन पेंशन करने का काम हमारी ही सरकार ने पूरा किया। 
  • -पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमेशा छल किया है। 1948 में, 65 में, 71 में उसने ये ही किया लेकिन 1999 में उसके छल को पहले की तरह फिर एक बार छलनी कर दिया गया। 
 
  • -भारत कभी आक्रांता नहीं रहा है, मानवता के हित में शांतिपूर्ण आचरण ये हमारे स्वभाव में हैं। हमारा देश इसी नीति पर चला है। भारत में हमारी सेना की छवि देश की रक्षक की है।
  • -जब मैं इजराइल जाता हूं तो वहां के लोग मुझे वो तस्वीर दिखाते हैं जब भारतीय सैनिकों ने हाइफा को मुक्त कराया था। फ्रांस जाता हूं तो वहां के लोग स्मारक दिखाते हैं। 
  • -शांति के लिए बलिदान देने में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों सैनिकों की ही है। 
  • -युद्ध में पराजित कुछ लोग छद्म युद्ध कर अपना राजनीतिक हित साध रहे हैं।
  • -देश सुरक्षित रहेगा तो विकास की ऊंचाइयों को छुएगा। 
  • -राष्ट्र की सुरक्षा के लिए न किसी दबाव में काम होगा न प्रभाव में और न ही किसी अभाव में। 
 
  • -आज युद्ध अंतरिक्ष तक पहुंच गया है। आज साइबर दुनिया में युद्ध लड़े जाते हैं। आज सेना का आधुनिकीकरण वक्त की मांग है लेकिन साथ ही हमारी प्राथमिकता भी है। आधुनिकीकरण हमारी सेना की पहचान होनी चाहिए। 
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