कारगिल की जीत भारत की ताकत, दृढ़ संकल्प और क्षमता का प्रतीक थी: मोदी
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पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि करगिल विजय भारत के पराक्रम का प्रतीक थी और देश के प्रति सशस्त्र बलों की समर्पण भावना के साथ राष्ट्र की सुरक्षा अभेद्य रहेगी। कारगिल युद्ध के 20 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को फैलाने के लिए छद्म युद्ध का सहारा ले रहे हैं।
मोदी ने दिल्ली में कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैन्यकर्मियों और भूतपूर्व सैनिकों की मौजूदगी में कहा कि कारगिल की जीत भारत के पराक्रम, दृढ़ संकल्प और क्षमता का प्रतीक थी। उन्होंने कहा कि युद्ध सरकारों द्वारा नहीं बल्कि पूरे देश द्वारा लड़े जाते हैं, कारगिल की जीत आज भी पूरे देश को प्रेरणा देती है, कारगिल हर भारतीय की जीत थी।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi & Defence Minister Rajnath Singh at Indira Gandhi Indoor (IGI) stadium for #KargilVijayDiwas commemorative function. pic.twitter.com/syyuyjOyUr
— ANI (@ANI) July 27, 2019
Delhi: Prime Minister Narendra Modi at Indira Gandhi Indoor (IGI) stadium for #KargilVijayDiwas commemorative function. pic.twitter.com/JlggziUOWj
— ANI (@ANI) July 27, 2019
इस दौरान कारगिल युद्ध में शहीद लांसनायक बचन सिंह के पुत्र लेफ्टिनेंट हितेश और उनकी मां कमलेश बाला भी यहां मौजूद थे। ले. हितेश ने उसी बटालियन को ज्वाइन किया है जिसमें उनके पिता शामिल थे।
Delhi: Lieutenant Hitesh (son of Lance Naik Bachan Singh who lost his life in Kargil War) with his mother, Kamesh Bala, at #KargilVijayDiwas commemorative function at Indira Gandhi Indoor Stadium. Lt Hitesh joined the same battalion his father had served at the time of war. pic.twitter.com/AslLKto9lv
— ANI (@ANI) July 27, 2019
पीएम मोदी ने क्या क्या कहा
- -कारगिल में हमारे शहीदों ने जो किया वो हमारी पीढ़ियों को प्रभावित करती रहेगी। कारगिल की विजयगाथा प्रेरित करती रहेगी। कारगिल के सभी शूरवीरों को नमन।
- - कारगिल में विजय भारत के वीर बेटे-बेटियों के अजेय पराक्रम की जीत थी। भारत के सामर्थ्य और संयम की जीत थी। भारत की मर्यादा और अनुशासन की जीत थी।
- -कारगिल में विजय हर देशवासी की उम्मीदों और कर्तव्यपरायणता की जीत थी। युद्ध सरकारें नहीं लड़ती, युद्ध पूरा देश लड़ता है।
PM Narendra Modi: On this occassion, I pay tribute to all those bravehearts who foiled the conspiracy to take down the tricolour from the peaks of Kargil by sacrificing their blood. I also pay respect to those brave mothers who gave birth to these bravehearts. #KargilVijayDiwas pic.twitter.com/2pA2c13KyD
— ANI (@ANI) July 27, 2019
- -शपथ लेने के कुछ दिनों बाद कारगिल जाने का मौका मिला था। मैं 20 साल पहले कारगिल तब भी गया था जब युद्ध चरम पर था। दुश्मन ऊपर बैठकर खेल खेल रहा था। मौत सामने थी फिर भी हमारा जवान तिरंगा लेकर घाटी पर पहुंचना चाहता था।
- -एक साधारण नागरिक के नाते मैंने अपने सैनिकों को उस मिट्टी में जाकर नमन किया था।
- -वन रैंक वन पेंशन करने का काम हमारी ही सरकार ने पूरा किया।
- -पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमेशा छल किया है। 1948 में, 65 में, 71 में उसने ये ही किया लेकिन 1999 में उसके छल को पहले की तरह फिर एक बार छलनी कर दिया गया।
Prime Minister Narendra Modi in Delhi: Pakistan shuru se hi Kashmir ko lekar chhal karta raha, 1948 mein, 65 mein, 71 mein usne yeh hi kiya lekin 1999 mein uska chhal pehle ki tarah fir ek baar chhal ki chhalni kar di gayi. #KargilVijayDiwas pic.twitter.com/1wqtuhNz3J
— ANI (@ANI) July 27, 2019
- -भारत कभी आक्रांता नहीं रहा है, मानवता के हित में शांतिपूर्ण आचरण ये हमारे स्वभाव में हैं। हमारा देश इसी नीति पर चला है। भारत में हमारी सेना की छवि देश की रक्षक की है।
- -जब मैं इजराइल जाता हूं तो वहां के लोग मुझे वो तस्वीर दिखाते हैं जब भारतीय सैनिकों ने हाइफा को मुक्त कराया था। फ्रांस जाता हूं तो वहां के लोग स्मारक दिखाते हैं।
- -शांति के लिए बलिदान देने में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों सैनिकों की ही है।
- -युद्ध में पराजित कुछ लोग छद्म युद्ध कर अपना राजनीतिक हित साध रहे हैं।
- -देश सुरक्षित रहेगा तो विकास की ऊंचाइयों को छुएगा।
- -राष्ट्र की सुरक्षा के लिए न किसी दबाव में काम होगा न प्रभाव में और न ही किसी अभाव में।
PM Narendra Modi, in Delhi: Rashtra ki suraksha ke liye na kisi ke dabaav mein kaam hoga, na prabhaav mein aur na hi kisi abhaav mein. #KargilVijayDiwas https://t.co/0sLY8n7d6F
— ANI (@ANI) July 27, 2019
- -आज युद्ध अंतरिक्ष तक पहुंच गया है। आज साइबर दुनिया में युद्ध लड़े जाते हैं। आज सेना का आधुनिकीकरण वक्त की मांग है लेकिन साथ ही हमारी प्राथमिकता भी है। आधुनिकीकरण हमारी सेना की पहचान होनी चाहिए।