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20 साल पुराने कमर्शियल वाहन बन जाएंगे कबाड़, वाहन कबाड़ नीति को PMO ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 17 Mar 2018 06:29 AM IST
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दिल्ली-एनसीआर में 15 साल से पुराने वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है।
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बहुप्रतीक्षित वाहन कबाड़ नीति को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। यह नीति एक अप्रैल 2020 से लागू हो जाएगी। इसका मकसद 20 साल और इससे अधिक पुराने कमर्शियल (वाणिज्यिक) वाहनों को परिवहन से हटाना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में वाहन प्रदूषण को रोकने के लिए इस नीति का एलान किया था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, वित्त, सड़क परिवहन और राजमार्ग, भारी उद्योग और स्टील विभाग समेत अन्य कई मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए। इसमें इस नीति को सिद्धांत रूप में स्वीकृति दी गई। इस नीति के तहत वाणिज्यिक वाहनों की समय सीमा 20 साल तय की गई है।
पुराने वाहन देकर नए वाहन लेने पर होगा फायदा
सूत्रों का कहना है कि कबाड़ वाहनों की जगह नए वाहनों की खरीद में 15 से 20 फीसदी का फायदा हो सकता है। इस वाहन नीति को जीएसटी परिषद के पास भेजा जाएगा और उससे कबाड़ वाहनों की जगह नए वाणिज्यिक वाहनों की खरीद के लिए जीएसटी दर 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी करने का अनुरोध किया जाएगा। जीएसटी परिषद इस पर केंद्र और राज्यों से चर्चा के बाद कोई फैसला लेगी।
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अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, वित्त, सड़क परिवहन और राजमार्ग, भारी उद्योग और स्टील विभाग समेत अन्य कई मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए। इसमें इस नीति को सिद्धांत रूप में स्वीकृति दी गई। इस नीति के तहत वाणिज्यिक वाहनों की समय सीमा 20 साल तय की गई है।
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पुराने वाहन देकर नए वाहन लेने पर होगा फायदा
सूत्रों का कहना है कि कबाड़ वाहनों की जगह नए वाहनों की खरीद में 15 से 20 फीसदी का फायदा हो सकता है। इस वाहन नीति को जीएसटी परिषद के पास भेजा जाएगा और उससे कबाड़ वाहनों की जगह नए वाणिज्यिक वाहनों की खरीद के लिए जीएसटी दर 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी करने का अनुरोध किया जाएगा। जीएसटी परिषद इस पर केंद्र और राज्यों से चर्चा के बाद कोई फैसला लेगी।
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तीन महीने में अधिसूचना जारी होगी
modi cabinet
कैबिनेट की मंजूरी जरूरी नहीं
इस नीति के लिए कैबिनेट की मंजूरी संबंधी सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है लेकिन यह एक अहम फैसला है, इसलिए इसे कैबिनेट के पास भेजा जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने हाल ही में इस नीति को मंजूरी दी थी। स्टील मंत्रालय जल्द ही कबाड़ केंद्रों की सिफारिश करेगा जबकि पर्यावरण और वन मंत्रालय इसके लिए नियम और दिशानिर्देश पेश करेगा।
तीन माह में अधिसूचना जारी होगी
राज्यों से चर्चा के आधार पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तीन महीने के अंदर इस नीति को लेकर अधिसूचना जारी करेगा। मंत्रालय ने इस नीति को स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम (वी-वीएमपी) नीति रखा है।
इस नीति के तहत सड़कों से 2.80 करोड़ वाहन हट सकते हैं। गडकरी ने हाल ही में कहा था कि 15 से 20 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों को हटाया जाता है तो उद्योग में 22 फीसदी की वृद्धि होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
इस नीति के लिए कैबिनेट की मंजूरी संबंधी सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है लेकिन यह एक अहम फैसला है, इसलिए इसे कैबिनेट के पास भेजा जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने हाल ही में इस नीति को मंजूरी दी थी। स्टील मंत्रालय जल्द ही कबाड़ केंद्रों की सिफारिश करेगा जबकि पर्यावरण और वन मंत्रालय इसके लिए नियम और दिशानिर्देश पेश करेगा।
तीन माह में अधिसूचना जारी होगी
राज्यों से चर्चा के आधार पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तीन महीने के अंदर इस नीति को लेकर अधिसूचना जारी करेगा। मंत्रालय ने इस नीति को स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम (वी-वीएमपी) नीति रखा है।
इस नीति के तहत सड़कों से 2.80 करोड़ वाहन हट सकते हैं। गडकरी ने हाल ही में कहा था कि 15 से 20 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों को हटाया जाता है तो उद्योग में 22 फीसदी की वृद्धि होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।