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ED: जांच एजेंसियों के रडार पर विपक्षी दलों के 19 CM और पूर्व सीएम, राहुल समेत दर्जनभर नेता से भी पूछताछ

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 18 Jul 2025 09:24 PM IST
सार

ED: देशभर में 19 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्री ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं, जिनमें से कई जेल भी जा चुके हैं। ज्यादातर कार्रवाई विपक्षी नेताओं पर हुई है, जिस पर कई नेताओं ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी का है, जिन्हें कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। 

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19 CMs and former CMs of opposition parties are on the radar of investigative agencies
राहुल गांधी, नेता, कांग्रेस - फोटो : ANI

विस्तार

विभिन्न राज्यों के 19 मौजूदा एवं पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय जांच एजेंसियां, विशेषकर 'ईडी' और 'सीबीआई' के रडार पर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, पद पर होते हुए जेल जा चुके हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत दर्जनभर पूर्व केंद्रीय एवं राज्यों के उप मुख्यमंत्री और मंत्री भी जांच एजेंसी की पूछताछ का सामना कर चुके हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियां, जिन नेताओं से पूछताछ कर रही हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है या जांच प्रक्रिया जारी है, उनमें विपक्ष के ही नेता शामिल हैं। इस कड़ी में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया है। पीएमएलए कोर्ट ने चैतन्य बघेल को पांच दिन के ईडी रिमांड पर भेज दिया है। ईडी जांच की रडार पर केवल मुख्यमंत्रियों या पूर्व मुख्यमंत्रियों ही नहीं, बल्कि इसके निशाने पर पूर्व केंद्रीय गृह/वित्त/रेलवे जैसे बड़े मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके नेता भी रहे हैं। 
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सोनिया गांधी व राहुल से लेकर मल्लिकार्जुन खरगे तक ... 
ईडी के निशाने पर आने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, लालू प्रसाद यादव और राकांपा संस्थापक शरद पवार जैसे कई दिग्गज नेता रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने एक ट्वीट में रॉबर्ट वाड्रा का बचाव करते हुए कहा, उनके बहनोई को पिछले एक दशक से नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है और सत्य की जीत होगी। वाड्रा को पूर्ण समर्थन देते हुए राहुल ने लिखा, मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूं, क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित बदनामी और उत्पीड़न के एक और हमले का सामना करना पड़ रहा है। मुझे पता है कि वे सभी, किसी भी तरह के उत्पीड़न का सामना करने के लिए पर्याप्त साहसी हैं। वे गरिमा के साथ ऐसा करते रहेंगे। अंततः सत्य की जीत होगी।
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दूसरी तरफ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा को लेकर राहुल गांधी ने कहा, असम का मुख्यमंत्री भारत का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री है। कुछ ही समय में कांग्रेस के बब्बर शेर उसे जेल पहुंचाएंगे। इसका डर उसकी आंखों में साफ दिख रहा है, क्योंकि उसे अब न मोदी बचा पाएंगे और न ही शाह। 
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जांच एजेंसी के रडार पर रहे हैं सीएम/पूर्व सीएम ...  
पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम शरद पवार, पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, मौजूदा सीएम उमर अब्दुल्ला, पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, पूर्व मुख्यमंत्री नेबाम टुकी, पूर्व सीएम ओकराम इबोबी, पूर्व सीएम शंकर सिंह वघेला, मौजूदा सीएम रेवंथ रेड्डी, मौजूदा सीएम हेमंत सोरेन, मौजूदा सीएम पिनरई विजयन और पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी, जांच की रडार पर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने सीएम रहते हुए कहा था, हमारे देश के प्रधानमंत्री ने ठान लिया है कि अगर बीजेपी को वोट नहीं दोगे और किसी दूसरी पार्टी को वोट दोगे तो उस सरकार को किसी भी हाल में काम नहीं करने दिया जाएगा। किसी राज्य में दूसरी पार्टी की सरकार बनती है तो उसके नेताओं के पीछे ईडी और सीबीआई छोड़ दी जाती है। 

बिहार के पूर्व सीएम एवं केंद्रीय रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव एवं उनके परिवार के सदस्यों से जमीन के बदले नौकरी, घोटाले में जांच चल रही है। यह मामला सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में ईडी ने भी इस केस की जांच शुरु की। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ भी ईडी की जांच चल रही है। इनमें कोयला ट्रांसर्पोटेशन व महादेव गेमिंग एप आदि शामिल हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मानेसर जमीन मामला और पंचकुला के 'एजेएल' केस में ईडी जांच का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में लिए गए कई फैसलों और विकास योजनाओं के मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर चुकी हैं। सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी सीबीआई व ईडी के रडार पर रहे हैं। इनमें गोममी रिवर फ्रंट और माइनिंग घोटाला जैसे केस शामिल हैं। पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से अवैध रेत खनन मामले में ईडी पूछताछ कर चुकी है। 

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी ईडी जांच का सामना कर रहे हैं। इन केसों में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन और जम्मू कश्मीर बैंक से जुड़ा मामला शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नेबाम टुकी के खिलाफ 2019 में सीबीआई ने जांच शुरु की थी। उसी आधार पर ईडी ने भी मामले की जांच प्रारंभ की। मणिपुर के पूर्व सीएम ओकराम इबोबी पर भ्रष्टाचार के आरोप में पहले सीबीआई ने केस दर्ज किया था। उसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वघेला भी सीबीआई व ईडी के रडार पर आ चुके हैं। उन पर केंद्रीय मंत्री रहते हुए मुंबई में जमीन घोटाले का आरोप लगा था। तत्कालीन केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री रहे वघेला पर जमीन की खरीद फरोख्त में सरकारी खजाने को 709 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप था। 

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे शरद पवार भी ईडी जांच के दायरे में आ चुके हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री सीएम रेवंथ रेड्डी भी ईडी के रडार पर रहे हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने 2015 में एमएलसी इलेक्शन में पचास लाख रुपये की रिश्वत दी थी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ईडी के मामले में जेल जा चुके हैं। उन्हें जमीन घोटाले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी जांच एजेंसी के निशाने पर रहे हैं। गोल्ड स्मगलिंग केस सहित दूसरे मामलों में वे ईडी जांच का सामना कर रहे हैं। हाल ही में उनकी बेटी वीणा विजयन की कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है। एसएनसी-लवलिन केरल जलविद्युत घोटाला, इस केस में भी पिनरई विजयन को जांच का सामना करना पड़ा है। आंध्रप्रदेश के पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी भी कई तरह के वित्तीय मामलों को लेकर ईडी जांच का सामना कर रहे हैं। 


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पूर्व केंद्रीय गृह/वित्त मंत्री पी.चिदंबरम, पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन बंसल और पूर्व केंद्रीय रेल एवं श्रम और रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खरगे को भी ईडी जांच का सामना करना पड़ा है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, ईडी के मामले में जेल जा चुके हैं। कर्नाटक के मौजूदा डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को भी ईडी जांच का सामना करना पड़ा है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से भी ईडी द्वारा पूछताछ की जा रही है। दिल्ली के पूर्व सीएम मनीष सिसोदिया भी जेल जा चुके हैं। महाराष्ट्र के मौजूदा डिप्टी सीएम अजीत पवार के खिलाफ भी ईडी का मामला रहा है। महाराष्ट्र में पूर्व मंत्री नवाब मलिक, ईडी केस में जेल जा चुके हैं। 

पश्चिम बंगाल के शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई व ईडी की जांच के दायरे की आंच, कई नेताओं तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबियों को जांच का सामना करना पड़ा है। तेलंगाना के सीएम की बेटी के.कविता, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शरद पवार के पोते रोहित, पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे पार्थ चटर्जी, शिवसेना के सांसद संजय राउत, टीएमसी सांसद अभिषेक, आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह, सांसद अशफाक करीम, फैयाज अहमद और पूर्व एमएलसी सुबोध राय भी जांच एजेंसी की रडार पर रहे हैं। 

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