फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   17 years of parliament attack pm narendra modi pay floral tribute to bravehearts

संसद हमले के 17 साल: PM मोदी सहित संसद सदस्यों ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

Thu, 14 Dec 2017 07:47 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Thu, 14 Dec 2017 07:47 AM IST
विज्ञापन
17 years of parliament attack pm narendra modi pay floral tribute to bravehearts
- फोटो : PTI
13 दिसंबर 2001 वो तारीख है जब देश के लोकतंत्र के मंदिर पर लश्कर-ए- तैयबा के 5 आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले को 17 साल होने जा रहे हैं। आज इस हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडु, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के नव-निर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, गृहमंत्री राजनाथ सिंह,  विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन, लालकृष्ण आडवाणी सहित कई नेता  पहुंचे।
विज्ञापन


 2001 के 13 दिसंबर को संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा था।  संसद-सत्र कुछ ही देर पहले स्थगित हुआ था, कुछ सांसद उस समय परिसर में थे वहीं कुछ तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी सहित कई नेता संसद से निकल चुके थे। 
विज्ञापन


आतंकियों ने सुबह 11.20 मिनट पर संसद पर हमला बोला था। सफेद रंग की कार में सवार होकर आए 5 आतंकी संसद भवन परिसर में घुसे थे, आतंकियों की कार पर गृह मंत्रालय का स्टीकर था जिस वजह से सुरक्षाकर्मी उन्हें रोक नहीं पाए थे। आतंकियों ने कार से उतरते ही दनादन फायरिंग शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें:  न्यूयॉर्क हमला: संदिग्ध ने ट्रंप को फेसबुक पर था चेताया, बोला- देश को बचाने में रहे नाकामयाब

हथगोले और एक 47 सहित अत्याधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों के सामने जो भी आया वो मारा गया। सुरक्षाकर्मियों ने उनका  जमकर मुकाबला किया और इस मुठभेड़ में एक ओर जहां सारे आतंकी मारे गए थे वहीं करीब 12 जवान शहीद हो गए थे। 

लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए- मोहम्मद  का मकसद

17 years of parliament attack pm narendra modi pay floral tribute to bravehearts
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए- मोहम्मद  का मकसद संसद पर हमला कर सांसदों को बंधक बनाना और लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला करना था। अच्छी बात ये थी की हमले के करीब 40 मिनट पहले ही संसद की कार्यवाही स्थगित की जा चुकी थी और कुछ नेता अपने घरों को जा चुके थे और कुछ सांसद भवन में मौजूद थे।

उस समय तत्कालीन गृहमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और जॉर्ड फर्नांडिस भी उस समय संसद भवन में मौजूद थे। हमले के तुरंत बाद दोनों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।  साथ ही संसद के लिए अंदर जाने वाले तमाम दरवाजों को बंद कर दिया गया था। चूंकि संसद सत्र चल रहा था तो उस समय परिसर में मीडिया भी मौजूद थी, मीडिया ने पूरे हमले को कवर किया था। 

उस समय देश में बीजेपी का शासन था। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। जो संसद स्थगित होने के कारण प्रधानमंत्री हमले से कुछ देर पहले ही निकल गए थे। आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच करीब 30 मिनट तक मुठभेड़ चली। संसद पर हमला करने के दोषी अफजल गुरु को 9 फरवरी 2013 को फांसी दे दी गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed