एक और आफत: केरल में जीका वायरस के 14 मामले, पाबंदियां घटने से कोरोना के मामले भी बढ़े

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 09 Jul 2021 05:39 PM IST

सार

केरल में जीका वायरस के 14 मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी में इस बात की पुष्टि की गई है। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री ने भी यह माना है कि पाबंदियां हटने से भी राज्य में कोरोना के मामलों की बढ़ोतरी हुई है।
जीका वायरस
जीका वायरस - फोटो : iStock
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विस्तार

केरल में जीका वायरस के 14 मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी में इस बात की पुष्टि की गई है। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री ने भी यह माना है कि पाबंदियां हटने से भी राज्य में कोरोना के मामलों की बढ़ोतरी हुई है।
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केरल में जीका वायरस संक्रमण के मामले शुक्रवार को 14 हो गए, राष्ट्रीय विषाणु संस्थान ने 13 और मामलों की पुष्टि की। इसके बाद प्रदेश को सतर्क कर दिया गया है। प्रदेश में बृहस्पतिवार को 24 साल की गर्भवती महिला में मच्छर जनित इस बीमारी की पुष्टि हुई थी। यह प्रदेश में जीका वायरस का पहला मामला था।


राज्य सरकार के अनुसार संस्थान में जांच के लिए 19 नमूने भेजे गए थे, जिनमें से 13 में इसकी पुष्टि हुई है। इसके लक्षण में बुखार, चकत्ते के अलावा जोड़ों में दर्द होना शामिल है। प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि जीका संक्रमण की रोक थाम के लिए योजना तैयार की गई है।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जीका वायरस से 13 स्वास्थ्य कर्मियों समेत 14 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। वे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जहां वे रहते थे और उनके यात्रा इतिहास की जांच के बाद तत्काल कदम उठाए जाएंगे। विभिन्न विभागों द्वारा समन्वित कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय दल केरल रवाना
दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केरल से जीका के कुछ मामले आए हैं। हालात पर नजर रखने और राज्य सरकार को सहयोग देने के लिए छह सदस्यीय दल को वहां पहुंचने और जीका के प्रबंधन में राज्य सरकार को सहयोग देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, मच्छर जनित रोगों के विशेषज्ञ और एम्स के विशेषज्ञ आदि शामिल हैं।

उम्मीद है अब मामले कम होंगे
केरल में कोविड-19 के मामले बढ़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस पर चिंता व्यक्त करने के बीच राज्य सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पाबंदियों में ढील देने से मामलों में बढ़ोतरी हुई और उम्मीद है कि अब मामले कम होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि लॉकडाउन लागू करने, निषिद्ध क्षेत्रों को चिह्नित करने और सरकार द्वारा जोर शोर से जांच और संपर्क का पता लगाने जैसे एहतियाती उपायों के चलते बड़ी संख्या में लोगों का चिकित्सा उपचार सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि संक्रमित व्यक्तियों की संख्या राज्य की चिकित्सा क्षमता से अधिक न हो ताकि बिस्तर या ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण किसी की मृत्यु न हो। जॉर्ज ने कहा कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण ही एकमात्र उपाय है।

प्रधानमंत्री द्वारा जताई गई चिंताओं पर जॉर्ज ने कहा कि यहां उठाए गए कदमों का निरीक्षण करने केरल पहुंची केंद्र सरकार की टीम किए गए प्रयासों से संतुष्ट थी। केरल में कोरोना के शुक्रवार को 13,536 नए मामले मिले और 130 मौतें हो गईं। राज्य में सक्रिय केसों की संख्या बढ़कर अब 1,13,115 हो गई है। संक्रमण दर 10.04 है। 
 

जॉर्ज ने कहा कि पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग बाहर निकले, जिसके कारण मामलों में बढ़ोतरी हुई। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पुलिस की मदद से यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगा कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने पर सामाजिक दूरी और मास्क पहनने जैसे कोविड नियमों का पालन करें।


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